Posts

TELHAR JHARNA

तेलहर झरना बिहार राज्य के कैमूर जिले में स्थित एक सुंदर और प्रसिद्ध जलप्रपात है। यह झरना कैमूर पहाड़ियों की गोद में बसा हुआ है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है। तेलहर झरना लगभग 80 फीट की ऊँचाई से गिरता है, जिससे इसका दृश्य अत्यंत मनोहारी और रोमांचक लगता है। वर्षा ऋतु में जब पानी की मात्रा बढ़ जाती है, तब यह झरना और भी भव्य रूप धारण कर लेता है। यह स्थान चारों ओर से हरे-भरे जंगलों और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहाँ का शांत वातावरण और स्वच्छ हवा मन को शांति प्रदान करती है। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है। छुट्टियों के समय यहाँ बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने आते हैं। तेलहर झरना केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। आसपास के क्षेत्र में प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्थल भी स्थित हैं, जो इस स्थान की महत्ता को और बढ़ाते हैं। सरकार द्वारा यहाँ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं, जिससे यह स्थान और भी लोकप्रिय हो रहा है। ...

SURAJKUND MELA

सूरजकुंड मेला भारत का एक प्रसिद्ध हस्तशिल्प और सांस्कृतिक मेला है, जो हर वर्ष हरियाणा के फरीदाबाद जिले में आयोजित किया जाता है। यह मेला सूरजकुंड नामक ऐतिहासिक स्थल के पास लगता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1987 में हुई थी। इस मेले का उद्देश्य भारत की पारंपरिक कला, शिल्प और संस्कृति को बढ़ावा देना है। सूरजकुंड मेला आमतौर पर फरवरी महीने में लगभग पंद्रह दिनों तक चलता है। इसमें भारत के विभिन्न राज्यों के कलाकार और शिल्पकार भाग लेते हैं। हर वर्ष किसी एक राज्य को “थीम स्टेट” बनाया जाता है, जिसकी संस्कृति, वेशभूषा, खान-पान और लोक कला को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाता है। इसके साथ ही कई विदेशी कलाकार भी इस मेले में भाग लेते हैं, जिससे यह एक अंतरराष्ट्रीय मेला बन गया है। मेले में हाथ से बने कपड़े, आभूषण, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की वस्तुएँ, पेंटिंग, कालीन, सजावटी सामान आदि की प्रदर्शनी और बिक्री होती है। यहाँ पर लोक नृत्य, लोक संगीत और नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाते हैं, जो दर्शकों का मन मोह लेते हैं। विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन भी यहाँ उपलब्ध होते हैं। सूरजकुंड मेला न केवल ...

PADMSRI POKHILA LEKTHIPI

Image
   पद्मश्री पुरस्कार विजेता पोखिला लेक्तेपि (Pokhila Lekthepi)  🌟 पोखिला लेक्तेपि — संक्षिप्त परिचय (Biography in Hindi) नाम: पोखिला लेक्तेपि (Pokhila Lekthepi) उम्र: लगभग 72 वर्ष (2026 में) � पेशा: भारतीय लोक एवं करबी संगीत गायिका जन्म स्थान: डोकमौका, करबी अंगलॉन्ग जिला, असम � कार्य काल: 1964 से वर्तमान तक  🏆 प्रमुख उपलब्धियाँ और सम्मान 🇮🇳 Padma Shri 2026 सरकार ने 2026 में पोखिला लेक्तेपि को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया है, जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। यह सम्मान कला (Art) के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए दिया गया है।  📜 अन्य सम्मान ✔️ Assam Gaurav Award (2024) – असम सरकार का उच्च नागरिक सम्मान � ✔️ Shilpi Award & Shilpi Pension (2023) – असम सरकार द्वारा कला क्षेत्र में योगदान के लिए � ✔️ Queen of Melody का खिताब (2011)  🎶 संगीत और करियर पोखिला लेक्तेपि ने 300 से अधिक गीत गाए हैं, जिनमें करबी लोकगीत और आधुनिक करबी संगीत शामिल हैं।  उन्होंने संगीत की कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली, पर अपने परिवार से सीखकर संगीत में अपन...

KACHNAAR

कचनार एक सुंदर और आकर्षक वृक्ष है, जो भारत के विभिन्न भागों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम बौहिनिया वरिगेटा (Bauhinia Variegata) है। कचनार का वृक्ष मध्यम आकार का होता है और इसकी ऊँचाई लगभग 10 से 12 मीटर तक हो सकती है। इसकी पत्तियाँ हरे रंग की और ऊँट के खुर के आकार जैसी होती हैं, जो इसे अन्य पेड़ों से अलग पहचान देती हैं। कचनार के फूल बहुत सुंदर और रंग-बिरंगे होते हैं। ये गुलाबी, सफेद और बैंगनी रंग के होते हैं और बसंत ऋतु में खिलते हैं। जब कचनार के पेड़ पर फूल आते हैं, तो पूरा पेड़ रंगीन दिखाई देता है और वातावरण सुगंधित हो जाता है। इसके फूल देखने में ऑर्किड जैसे लगते हैं, इसलिए इसे "ऑर्किड ट्री" भी कहा जाता है। कचनार के फूल न केवल सुंदर होते हैं, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। कचनार का उपयोग आयुर्वेद में अनेक रोगों के उपचार के लिए किया जाता है। इसकी छाल, फूल और पत्तियाँ औषधि के रूप में काम आती हैं। यह पाचन संबंधी समस्याओं, सूजन और त्वचा रोगों में लाभकारी माना जाता है। इसके फूलों की सब्जी भी बनाई जाती है, जो स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है। कचनार का वृक्ष धार्मिक और ...

INDO EU TRADE DEALS 2026

 भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement - FTA) एक ऐतिहासिक कदम है, जिसे दोनों पक्षों ने "मदर ऑफ ऑल डील्स" (सभी डीलों की माँ) कहा है। यह समझौता 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया गया, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मौजूद थे। मुख्य बातें (Key Highlights) कब शुरू हुआ और कितना बड़ा है? बातचीत 2007 में शुरू हुई थी, जो 2013 में रुकी थी। 2022 में दोबारा शुरू हुई और अब 2026 में पूरी हुई। यह भारत और EU का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों (दुनिया की एक-तिहाई आबादी) को कवर करता है और वैश्विक GDP का 25% (करीब $27 ट्रिलियन) का बाजार बनाता है। टैरिफ (शुल्क) में कटौती EU भारत से आने वाले 99.5% सामान पर टैरिफ खत्म या बहुत कम करेगा (7 साल में ज्यादातर शून्य)। इससे भारत के टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, मरीन प्रोडक्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स जैसे सेक्टरों को फायदा होगा। भारत EU से आने वाले 96.6%...

PADMSRI R V S MANI

Image
  डॉ. पद्मश्री आर.वी.एस. मणि (R.V.S. Mani) श्री रामास्वामी वेंकट सुब्रमण्यम मणि (R.V.S. Mani) एक पूर्व केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) अधिकारी हैं, जिन्हें पद्मश्री पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया है। यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो सिविल सेवा (Civil Service) क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया। पुरस्कार 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित हुआ था वर्तमान स्थिति: रिटायर्ड हैं, लेखन और सार्वजनिक चर्चाओं में सक्रिय। 5 किताबें लिखीं, जो राजनीतिक हस्तक्षेप और आतंकवाद जांच पर आधारित हैं। जीवनी (संक्षिप्त परिचय) जन्म: दिल्ली में जन्मे (पूर्ण तिथि सार्वजनिक नहीं, लेकिन परिवार सरकारी सेवा से जुड़ा)। पिता के.आर. रामास्वामी भी MHA में थे और रिटायर हुए। शिक्षा: दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ ग्रेजुएट। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से M.Sc. (Human Resource Development)। पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर की योग्यताएं। करियर: सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सर्विस (CSS) में शामिल। मुख्य पद: Under Secretary, Internal Security Division, Ministry of Home Affairs (2006-2010)। योगदान: राष्ट्रीय सुरक्ष...

IPS KUNDAN KRISHNAN

 आईपीएस कुंदन कृष्णन की नवीनतम अपडेट्स और जीवनी (जनवरी 2026 तक) श्री कुंदन कृष्णन बिहार कैडर के एक वरिष्ठ और चर्चित आईपीएस अधिकारी हैं, जिन्हें उनकी साहसी, कठोर और अपराध-विरोधी पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। अपराधी उनके नाम से खौफ खाते हैं। जनवरी 2026 तक, वे बिहार पुलिस के डायरेक्टर जनरल (ऑपरेशंस), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के पद पर तैनात हैं, साथ ही स्पेशल ब्रांच का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं। गैलेंट्री मेडल (वीरता पदक) 2026: गणतंत्र दिवस 2026 पर राष्ट्रपति द्वारा मेडल फॉर गैलेंट्री से सम्मानित। यह सम्मान 2002 में छपरा (सारण) जेल विद्रोह को कुचलने में उनकी भूमिका के लिए मिला, जहां उन्होंने AK-47 लेकर ऑपरेशन लीड किया था। STF में सक्रियता: 2025 में STF ने उनके नेतृत्व में 1682 अपराधियों (143 रिवॉर्डेड सहित) को गिरफ्तार किया, 6 अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया (जिनमें 5 रिवॉर्डेड और 2 नक्सली शामिल)। अपराधी अब भाग रहे हैं या सरेंडर कर रहे हैं। अन्य: NVD2026 (नेशनल वोटर्स डे) में विशेष अवॉर्ड मिला। पहले किसानों से जुड़े विवादास्पद बयान पर माफी मांगी थी (जुलाई 2025)। जीवनी (संक्...