DENMARK STRAIT WATERFALL


डेनमार्क स्ट्रेट जलप्रपात विश्व का सबसे बड़ा और गहरा जलप्रपात माना जाता है, जो समुद्र के नीचे स्थित है। यह जलप्रपात ग्रीनलैंड और आइसलैंड के बीच स्थित डेनमार्क स्ट्रेट नामक जलडमरूमध्य में पाया जाता है। इसकी विशेषता यह है कि यह धरती की सतह पर नहीं, बल्कि महासागर की गहराई में बहता है, इसलिए इसे “अंडरवॉटर वाटरफॉल” कहा जाता है।
यह जलप्रपात लगभग 3,500 मीटर (लगभग 11,500 फीट) की गहराई तक गिरता है, जो इसे विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात बनाता है। इसकी चौड़ाई भी लगभग 480 किलोमीटर तक फैली हुई है। इसकी तुलना में प्रसिद्ध एंजेल फॉल्स भी इसकी ऊँचाई के सामने बहुत छोटा है।
डेनमार्क स्ट्रेट जलप्रपात का निर्माण ठंडे और गर्म समुद्री जल के तापमान तथा घनत्व के अंतर के कारण होता है। ग्रीनलैंड की ओर से आने वाला अत्यंत ठंडा और घना जल नीचे की ओर तेजी से बहता है, जबकि आइसलैंड की ओर से अपेक्षाकृत गर्म और हल्का जल ऊपर रहता है। इसी घनत्व के अंतर से यह विशाल जलप्रपात बनता है।
यह जलप्रपात महासागरीय धाराओं और वैश्विक जलवायु प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह समुद्र के जल के प्रवाह को नियंत्रित करने में सहायक है और पृथ्वी के तापमान संतुलन पर प्रभाव डालता है।
चूँकि यह जलप्रपात समुद्र के भीतर स्थित है, इसलिए इसे सीधे देख पाना संभव नहीं है। वैज्ञानिक विशेष उपकरणों और अनुसंधान के माध्यम से इसका अध्ययन करते हैं। डेनमार्क स्ट्रेट जलप्रपात प्रकृति की एक अद्भुत और रहस्यमय घटना है, जो पृथ्वी के महासागरों की विशाल शक्ति को दर्शाता है।

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