PADMSRI SWAMI BRAHDEV JI MAHARAJ
🌟 पद्मश्री पुरस्कार 2026 से सम्मानित: Swami Brahmadev Maharaj
स्वामी ब्रह्मदेव महाराज एक प्रतिष्ठित भारतीय संत और समाजसेवी हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस 2026 पर “पद्मश्री” (भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में उनके लंबे और समर्पित कार्य के लिए दिया जा रहा है — खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य और दिव्यांगों के जीवन सुधार के लिए।
🧑🎓 📜 संक्षिप्त जीवन परिचय (बायोग्राफी)
📍 जन्म और प्रारंभिक जीवन
स्वामी ब्रह्मदेव महाराज का जन्म 4 अप्रैल 1944 को पंजाब में हुआ था और बाद में वे हरिद्वार आए। उनके गुरु संत बाबा करनैल दास जी महाराज थे।
🙏 समाज सेवा की शुरुआत
1978 में हरिद्वार में एक सत्संग के दौरान उन्होंने समाज सेवा का रास्ता अपनाया और अंततः राजस्थान के श्रीगंगानगर में रहकर सेवा करना शुरू किया।
👨🏫 श्री जगदंबा अंध विद्यालय का संस्थापक
13 दिसंबर 1980 को स्वामी ब्रह्मदेव महाराज ने श्री जगदंबा अंध विद्यालय (Shri Jagdamba Blind School) की स्थापना की। यह विद्यालय विशेष रूप से नेत्रहीनों और मूक-बधिर बच्चों को मुफ्त शिक्षा, छात्रावास और देखभाल प्रदान करता है।
यहाँ शिक्षा के साथ-साथ हुनर विकास और आत्मनिर्भरता भी सिखाई जाती है।
👁️🗨️ स्वास्थ्य सेवा — नेत्र चिकित्सालय
उन्होंने श्री जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय की स्थापना भी की, जहाँ मुफ्त नेत्र जांच और उपचार के साथ-साथ ऑपरेशन भी होते हैं। इस चिकित्सालय के माध्यम से लाखों जरूरतमंद लोगों को मदद मिली है।
वर्ष 2007 में स्वामी जी के नेतृत्व में ब्रेल लिपि वाला पहला ATM श्रीगंगानगर में स्थापित किया गया, जिससे दृष्टिबाधित लोगों को आत्मनिर्भर होने में मदद मिली।
उनके प्रयासों से अब तक लाखों दिव्यांगों को कृत्रिम अंग, शिक्षा और सहायता प्राप्त हुई है।
🏆 सम्मान और प्रतिष्ठा
🇮🇳 पद्मश्री पुरस्कार — 2026
भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर स्वामी ब्रह्मदेव महाराज को “पद्मश्री” सम्मान से सम्मानित करने का ऐलान किया। यह सम्मान मुख्य रूप से समाज सेवा के क्षेत्र में उनके लंबे और उत्कृष्ट योगदान के लिए है।
🎖️ अन्य सम्मान और प्रशंसा
उनके काम के लिए राज्य अधिकारियों, समाजसेवी संस्थाओं और अनगिनत लोगों ने सराहना और सम्मान प्रदान किया है। हाल ही में उन्हें लायंस क्लब इंटरनेशनल के कार्यक्रमों में भी सम्मानित किया गया, जहाँ उनके 45+ वर्षों के कार्य की प्रशंसा हुई।
स्वामी ब्रह्मदेव महाराज का जीवन “दृढ़ सेवा” का उदाहरण हैः
500+ बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाएँ
हजारों नेत्रहीनों को सहायता और उपचार
दिव्यांगों के समाजीक और आर्थिक उत्थान पर ध्यान
इन सब वजहों से उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा गया — एक सम्मान जो देश की सर्वोच्च सेवा भावना को पहचानता है।

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