PADMSRI PREM LAL GAUTAM

 

 डॉ. पद्मश्री प्रेम लाल गौतम (Prem Lal Gautam) 
📌 परिचय
नाम: डॉ. प्रेम लाल गौतम
जन्म: 12 दिसंबर 1947
जन्मस्थान: बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश, भारत
पद्मश्री सम्मान: वर्ष 2026 में पद्मश्री (विज्ञान और इंजीनियरिंग/कृषि विज्ञान) से सम्मानित
वर्तमान पद: चांसलर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पुसा, बिहार 
🎓 शिक्षा और पेशा
✔️ डॉ. गौतम ने एग्रीकल्चर में ग्रेजुएशन हिमाचल कृषि महाविद्यालय, सोलन से किया।
✔️ उन्होंने एम.एससी. और पीएच.डी. (जनितिकी/Genetics) में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली से हासिल की।
✔️ वे एक प्रमुख कृषि वैज्ञानिक, प्लांट ब्रीडर और शोधकर्ता हैं, जिन्होंने भारत में कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में दशकों तक कार्य किया। 
🌾 करियर और योगदान
डॉ. प्रेम लाल गौतम ने भारतीय कृषि अनुसंधान में बड़ी भूमिका निभाई है, जिनमें शामिल हैं:
🧬 कृषि अनुसंधान और पादप जनितिकी
✔️ नई और उन्नत फसल किस्मों (उच्च उपज, रोग-प्रतिरोधी और विविध जलवायु उपयुक्त) के विकास में योगदान।
✔️ देश के पहले जर्मप्लाज्म रजिस्ट्रेशन सिस्टम की स्थापना में नेतृत्व।
✔️ नेशनल जीन बैंक को प्रभावी रूप से संचालन में सहायता।
✔️ प्लांट जीन संसाधनों के संरक्षण (biodiversity) के क्षेत्र में अहम कार्य।
✔️ उन्होंने आधुनिक कृषि अनुसंधान को किसानों के खेतों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई, शिक्षा और विस्तार कार्यों के ज़रिये वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया। 
🏫 शैक्षणिक और प्रशासनिक भूमिका
✔️ कृषि विश्वविद्यालयों में नेतृत्वदायी भूमिकाएँ जैसे डीन, शोध प्रमुख और उच्च शिक्षा व्यवस्थापक के रूप में डिज़ाइन किए गए सुधार।
✔️ वर्तमान में डॉ. राजेंद्र प्रसाद सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, पुसा के चांसलर के रूप में सेवा कर रहे हैं। 
🏆 पद्मश्री सम्मान (2026)
📍 भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर 2026 में डॉ. प्रेम लाल गौतम को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया।
📌 यह सम्मान उन्हें कृषि अनुसंधान, फसल विकास, पादप जीन संसाधन और किसानों के लिए लाभकारी वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए दिया गया।
📌 हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के लिए यह गर्व की बात है कि उनका यह नाम राष्ट्रीय सम्मान सूची में शामिल हुआ। 
📊 उपयोगी जानकारी
➡️ क्षेत्र: कृषि विज्ञान, पादप अनुवांशिकी, फसल उन्नयन
➡️ मोहन केंद्र: शिक्षा, शोध, और किसान-हित परियोजनाओं के माध्यम से कृषि तनावों का वैज्ञानिक समाधान
➡️ राष्ट्रीय योगदान: देश को कृषि-क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका
🧠 सार
डॉ. प्रेम लाल गौतम एक विश्वस्तरीय कृषि वैज्ञानिक हैं जिन्होंने अपने जीवन के अधिकांश वर्षों में कृषि अनुसंधान, शिक्षा और किसानों के कल्याण के लिए कार्य किया है। उनके कार्यों ने कृषि की गुणवत्ता, फसलों की उपज और भारत की कृषि शोध प्रणाली को मजबूती प्रदान की है, जिसके लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान (2026) से नवाज़ा गया। 

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