SURAJKUND MELA
सूरजकुंड मेला भारत का एक प्रसिद्ध हस्तशिल्प और सांस्कृतिक मेला है, जो हर वर्ष हरियाणा के फरीदाबाद जिले में आयोजित किया जाता है। यह मेला सूरजकुंड नामक ऐतिहासिक स्थल के पास लगता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1987 में हुई थी। इस मेले का उद्देश्य भारत की पारंपरिक कला, शिल्प और संस्कृति को बढ़ावा देना है।
सूरजकुंड मेला आमतौर पर फरवरी महीने में लगभग पंद्रह दिनों तक चलता है। इसमें भारत के विभिन्न राज्यों के कलाकार और शिल्पकार भाग लेते हैं। हर वर्ष किसी एक राज्य को “थीम स्टेट” बनाया जाता है, जिसकी संस्कृति, वेशभूषा, खान-पान और लोक कला को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाता है। इसके साथ ही कई विदेशी कलाकार भी इस मेले में भाग लेते हैं, जिससे यह एक अंतरराष्ट्रीय मेला बन गया है।
मेले में हाथ से बने कपड़े, आभूषण, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की वस्तुएँ, पेंटिंग, कालीन, सजावटी सामान आदि की प्रदर्शनी और बिक्री होती है। यहाँ पर लोक नृत्य, लोक संगीत और नाटक जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाते हैं, जो दर्शकों का मन मोह लेते हैं। विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन भी यहाँ उपलब्ध होते हैं।
सूरजकुंड मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह भारतीय कला और शिल्प को पहचान दिलाने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। यह कारीगरों को अपनी प्रतिभा दिखाने और रोजगार प्राप्त करने का अवसर देता है।
इस प्रकार सूरजकुंड मेला भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि का सुंदर उदाहरण है, जो देश-विदेश के लोगों को आकर्षित करता है।
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