PADMSRI PRAVEEN KUMAR

🇮🇳 पद्म श्री 2026 सम्मान
पद्म श्री 2026 के लिए प्रवीण कुमार को भी चुना गया है — यह भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक है।
यह सम्मान उन्हें खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है और यह घोषणा 26 जनवरी 2026 के आसपास की गई है।
प्रवीण ने कहा कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
📖 जीवनी — शुरुआती जीवन से सफलता तक
👶 जन्म और परिवार
प्रवीण कुमार का जन्म उत्तर प्रदेश के जेवर (गोविंदगढ़ गाँव), गौतम बुद्ध नगर में हुआ।
वे साधारण किसान परिवार से आते हैं और बचपन से ही शारीरिक चुनौती के बावजूद मजबूत इच्छाशक्ति दिखाते आए हैं।
🏃♂️ खेल-करियर की शुरुआत
प्रवीण की पैरा एथलेटिक्स (T64 उच्च कूद) में भागीदारी ने उन्हें जल्दी ही पहचान दिलाई।
उन्होंने शुरुआत में वॉलीबॉल खेला, लेकिन बाद में उच्च कूद (High Jump) पर अपना फोकस बनाया।
🥇 प्रमुख उपलब्धियाँ
📌 पैरालिंपिक में मेडल
टोक्यो 2020 पैरालिंपिक्स में सिल्वर मेडल (T64) जीता।
पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स में गोल्ड मेडल — 2.08 मीटर के साथ व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
📌 राष्ट्रीय पुरस्कार
अरिजुन एवार्ड (Tokyo 2021 प्रदर्शन के लिए)।
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न (January 2025) — भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान।
अब पद्म श्री 2026 सम्मान।
📌 अन्य उपलब्धियाँ
एशियाई रिकॉर्ड के साथ एशियन पैरागेम्स में भी मेडल
वर्ल्ड पैराएकलिटिक्स चैंपियनशिप में भी प्रदर्शन।
💪 संघर्ष और प्रेरणा
प्रवीण ने अपने करियर में कई कठिनाइयों का सामना किया:
2019 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद उन्होंने लगभग 5-6 महीने हाई जंप छोड़ा था, लेकिन कोच और परिवार के समर्थन ने उन्हें वापस खेल में लाया।
वे कहते हैं कि कठिनाई ने उन्हें और मजबूत बनाया और देश का नाम ऊँचा किया।
🌟 प्रेरणादायक बातें
पद्म श्री मिलने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें देश से बहुत प्यार मिल रहा है और यह सम्मान उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
Comments
Post a Comment