SIDDU
सिड्डू हिमाचल प्रदेश का एक प्रसिद्ध और पारंपरिक व्यंजन है। यह खासकर शिमला, कुल्लू, मनाली और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में बहुत लोकप्रिय है। सिड्डू मुख्य रूप से गेहूं के आटे से बनाया जाता है और इसे भाप में पकाया जाता है। ठंडे मौसम में यह व्यंजन शरीर को गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करता है, इसलिए सर्दियों में इसे विशेष रूप से पसंद किया जाता है।
सिड्डू बनाने के लिए पहले गेहूं के आटे में खमीर डालकर उसे कुछ घंटों के लिए ढककर रखा जाता है, ताकि आटा फूल जाए। इसके बाद इसमें अखरोट, खसखस, तिल, या दाल की पेस्ट जैसी भरावन भरी जाती है। फिर इसे गोल आकार देकर भाप में पकाया जाता है। पकने के बाद इसे घी के साथ परोसा जाता है। कई जगहों पर इसे हरी चटनी या दाल के साथ भी खाया जाता है।
सिड्डू न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि पौष्टिक भी होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को ताकत देते हैं। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग कठिन परिश्रम करते हैं, इसलिए सिड्डू उनके लिए ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
यह व्यंजन हिमाचल की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर इसे घरों में बड़े प्रेम से बनाया जाता है। आजकल पर्यटक भी हिमाचल घूमने के दौरान सिड्डू का स्वाद लेना नहीं भूलते। इस प्रकार सिड्डू हिमाचल प्रदेश की खान-पान परंपरा का एक महत्वपूर्ण और स्वादिष्ट हिस्सा है।
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