CHAMBYALI DHAM


चंब्याली धाम हिमाचल प्रदेश के चंबा क्षेत्र की एक प्रसिद्ध पारंपरिक दावत है। यह केवल भोजन नहीं, बल्कि पहाड़ी संस्कृति और अतिथि सत्कार की पहचान है। चंब्याली धाम विशेष रूप से विवाह, त्योहारों, धार्मिक अनुष्ठानों और अन्य शुभ अवसरों पर आयोजित की जाती है। इसमें परोसे जाने वाले व्यंजन शुद्ध शाकाहारी होते हैं और इन्हें पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है।
चंब्याली धाम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे बनाने का कार्य विशेष रसोइये, जिन्हें “बोटिया” कहा जाता है, करते हैं। वे पीढ़ियों से इस कला को सीखते और आगे बढ़ाते आए हैं। भोजन आमतौर पर पत्तल (पत्तों से बनी थाली) में परोसा जाता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश मिलता है।
इस धाम में चावल मुख्य भोजन होता है। इसके साथ राजमा मद्रा, कढ़ी, माश दाल, चना मद्रा, मीठा चावल और घी से बने अन्य पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं। इन व्यंजनों में देशी मसालों और दही का विशेष प्रयोग होता है, जिससे स्वाद अनोखा और पौष्टिक बनता है। भोजन परोसने का भी एक निश्चित क्रम होता है, जिसे परंपरा के अनुसार निभाया जाता है।
चंब्याली धाम केवल स्वाद के लिए ही प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि यह लोगों को एक साथ बैठकर प्रेम और सौहार्द के साथ भोजन करने की प्रेरणा भी देती है। यह हिमाचल की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और स्थानीय लोगों के जीवन में विशेष स्थान रखती है।
इस प्रकार, चंब्याली धाम हिमाचल प्रदेश की समृद्ध परंपराओं, सादगी और आतिथ्य भावना का सुंदर उदाहरण है।

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