PADMSRI R KRISHNAN
R. Krishnan (जो पद्म श्री 2026 से पोस्टह्यूमस सम्मानित हुए हैं)
🇮🇳 नवीनतम अपडेट (2026)
🏅 पद्म श्री 2026 (पोस्टह्यूमस)
R. Krishnan को भारत सरकार ने पद्म श्री 2026 से सम्मानित किया है — यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
यह सम्मान उन्हें कला एवं संस्कृति (Art & Culture) में उनके अद्वितीय योगदान के लिए पोस्टह्यूमस (उनके निधन के बाद) दिया गया है।
वह आलु कुरुम्बा (Alu Kurumba) जनजाति से थे और उन्होंने करीब 3,000 साल पुरानी कुरुम्बा कला — पारंपरिक आदिवासी चित्रकला — को संरक्षित और पुनर्जीवित किया।
📌 इस सम्मान की घोषणा 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस पुरस्कारों में की गई थी।
📖 R. Krishnan — जीवन और बायोग्राफी
👶 जन्म और शुरुआती जीवन
R. Krishnan (लगभग 1973 में जन्म) का जन्म वेल्लरिकोंबई (Nilgiris, Tamil Nadu) के एक आदिवासी गाँव में हुआ था।
वे आलु कुरुम्बा जनजाति से ताल्लुक रखते थे, जो पारंपरिक रूप से जंगल से जुड़ी जीवनशैली और कला-संस्कृति के लिए जाने जाते हैं।
उन्होंने चित्रकला की सीख छह वर्ष की उम्र में अपने दादा से प्राप्त की थी।
🎨 कला और योगदान
Krishnan को मुख्य रूप से कुरुम्बा चित्रकला (Kurumba art) के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए जाना जाता है।
इन चित्रों में प्रायः आदिवासी जीवन, प्रकृति, देवता, वन-जीवन और परंपरागत संस्कृति को दर्शाया जाता है।
उन्होंने प्राकृतिक रंगों और पिगमेंट्स (जैसे पत्तियों, छाल और जड़ी-बूटी से बने रंग) का उपयोग किया और कला को कैनवास पर लाया, जिससे यह प्राचीन कला आज भी जीवित है।
उनकी कला का मूल आधार प्राचीन शैलचित्रों (rock art) से प्रेरित चित्रण शैली था, जिसे उन्होंने पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया।
🕊️ निधन और विरासत
R. Krishnan का निधन 25 मार्च 2025 को हुआ, वह करीब 52 वर्ष के थे।
उनके निधन के बाद भी उनका काम और कला आज भी सांस्कृतिक इतिहास के रूप में जीवित है, और उन्हें कला प्रेमियों और आदिवासी समुदाय के संरक्षक कलाकार के रूप में याद किया जाता है।
उनके परिवार — पत्नी सुसीला (Susheela) और उनके चार बच्चे — ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, और उनके सम्मान के बाद भी उन्हें सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
📌 संक्षेप में
नाम
R. Krishnan
जाति / समुदाय
आलु कुरुम्बा जनजाति, Tamil Nadu
मुख्य पहचान
पारंपरिक कुरुम्बा चित्रकला के संरक्षक कलाकार
कला शैली
प्राकृतिक रंगों से आदिवासी चित्रकला
निधन
25 मार्च 2025
सम्मान
पद्म श्री 2026 (पोस्टह्यूमस) — कला एवं संस्कृति क्षेत्र में
✨ प्रेरणादायक तथ्य
Krishnan ने अपनी परंपरागत आदिवासी कला को सिर्फ संरक्षित नहीं किया, बल्कि उसे सामान्य चित्रकला समुदाय और कला-प्रेमियों तक पहुंचाया, जिससे आज भी यह कला स्कूलों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक मंचों में पहचानी जाती है।

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