PADMSRI KRISHANAMURTY BALSUBRAMANIAN
📌 पद्म श्री पुरस्कृत – कृष्णामूर्ति बालासुब्रमणियन (Dr. Krishnamurty Balasubramanian) – जीवनी और नवीन जानकारी
🧑🔬 परिचय
डॉ. कृष्णामूर्ति बालासुब्रमणियन एक वरिष्ठ वैज्ञानिक और सामग्री विज्ञान (Materials Science) तथा इंजीनियरिंग क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, जो भारत में उन्नत सामग्री व तकनीकों के विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
🎓 शिक्षा और करियर
डॉ. बालासुब्रमणियन Nonferrous Materials Technology Development Centre (NFTDC), हैदराबाद के डायरेक्टर हैं — यह केंद्र उन्नत धातु व सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास का प्रमुख संस्थान है।
उन्होंने बड़े विविध उद्योगों में उन्नत इंजीनियरिंग सामग्रियों पर शोध और अनुप्रयोग विकसित किए हैं — जिनमें अंतरिक्ष, रक्षा, चिकित्सा उपकरण, और ऊर्जा प्रणालियाँ शामिल हैं।
📚 प्रमुख शोध एवं योगदान
🧪 उन्नत सामग्री और इंजीनियरिंग
डॉ. बालासुब्रमणियन के नेतृत्व में NFTDC ने निम्नलिखित क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है: �
✔ स्पेस-ग्रेड धातुएं और मिश्रधातुएं, जो अत्यंत कठिन परिचालन परिस्थितियों में भी सुरक्षित रूप से काम कर सकती हैं — जैसे रॉकेट इंजन और विमान प्रणालियाँ। �
✔ क्रायोजेनिक इंजन सामग्री, जो उन्नत ताप और दबाव परिस्थितियों में टिक सकती हैं। �
✔ क्लिनिकल मेडिकल उपकरणों के लिए सामग्री तथा इम्प्लांट्स — जैसे घुटने के जोड़, बोन इम्प्लांट, और अन्य ऑर्थोपेडिक उपकरण।
❤️ स्वास्थ्य तकनीक और नवाचार
डॉ. बालासुब्रमणियन ने भारत में एक स्वदेशी (indigenous) कृत्रिम हृदय (artificial heart) विकसित करने के प्रयास को भी सक्रिय रूप से नेतृत्व दिया है — यह परियोजना अब दूर के सपने से बाहर निकलकर यथार्थवादी इंजीनियरिंग और क्लिनिकल शोध की दिशा में अग्रसर है।
उनका लक्ष्य एक ऐसा भरोसेमंद, जैव-अनुकूल और किफायती कृत्रिम हृदय बनाना है, जो हृदय रोग से ग्रस्त मरीजों के इलाज में सहायता कर सके।
🏆 पद्म श्री सम्मान – 2026
📅 26 जनवरी 2026 को भारत सरकार ने डॉ. कृष्णामूर्ति बालासुब्रमणियन को पद्म श्री (चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से साइंस एंड इंजीनियरिंग (Science & Engineering) के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया।
यह सम्मान बुनियादी और अनुप्रयुक्त अनुसंधान, उन्नत सामग्री विकास तथा स्वदेशी तकनीकी नवाचारों में उनके समर्पित योगदान के लिए दिया गया।
📌 अन्य उपलब्धियाँ और प्रभाव
🌐 तकनीकी स्वावलंबन और आयात-निर्यात
डॉ. बालासुब्रमणियन का ध्यान हमेशा भारत को तकनीकी आयातकों से आयात-निर्यात में बदलने की दिशा पर रहा है। �
✔ उनके कार्य का लक्ष्य महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों, अस्थिर चुंबक सामग्रियों और अंतरिक्ष व रक्षा प्रौद्योगिकी में सामग्री उत्पादन को भारत के भीतर विकसित करना है। �
✔ इस प्रयास से उच्च-टेक उत्पादों के निर्माण-निर्माण में भारतीय उद्योगों की क्षमता बढ़ती है, साथ ही लागत भी कम होती है।
📝 सरल हिंदी सार
डॉ. कृष्णामूर्ति बालासुब्रमणियन एक अग्रणी भारतीय वैज्ञानिक हैं जिन्होंने उन्नत सामग्री विज्ञान, इंजीनियरिंग और स्वास्थ्य-तकनीकी नवाचारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। NFTDC हैदराबाद के डायरेक्टर के रूप में उन्होंने स्वदेशी तकनीकी विकास को आगे बढ़ाया है — जैसे स्पेस-ग्रेड सामग्रियों का निर्माण और कृत्रिम हृदय जैसी परियोजनाओं पर काम। इन्हें 2026 में पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया, जो उनके वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग योगदान की राष्ट्रीय मान्यता है।

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