PADMSRI LIUDMILA VIKTOROVNA KHOKHLOVA



 
 Liudmila Viktorovna Khokhlova 
📌 लीउद्मिला विक्टोरोव्ना खोख्लोवा — बायोग्राफी और नवीन जानकारी
🧠 परिचय
लीउद्मिला विक्टोरोव्ना खोख्लोवा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित रूसी विद्वान, भाषा वैज्ञानिक, और इंडोलॉजिस्ट (भारतीय भाषाओं-साहित्य की विद्या में विशेषज्ञ) हैं, जिन्हें 2026 में भारत सरकार ने पद्म श्री सम्मान से नवाज़ा है। इस सम्मान को उन्होंने साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं और संस्कृति की वैश्विक समझ को बढ़ाने के लिए हासिल किया। 
🎓 शिक्षा एवं करियर
खोख्लोवा लॉमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी (Moscow State University) के इंडियन फिलोलॉजी विभाग से जुड़ी एक वरिष्ठ प्रोफेसर हैं, जहाँ उन्होंने दशकों से भारतीय भाषाओं का अध्ययन, शिक्षण और शोध किया है। 
वे भारत-सम्बंधित भाषाई अध्ययन, साहित्य, और सांस्कृतिक अनुसंधान में विख्यात हैं, खासकर हिंदी, उर्दू, पंजाबी, गुजराती और मारवाड़ी भाषाओं पर उनके कार्यों के लिए। 
📚 शोध और प्रमुख योगदान
📝 भाषा और साहित्य के क्षेत्र में
डॉ. खोख्लोवा ने भारतीय भाषाओं पर गहन शोध किया है, जिसमें उन्होंने व्याकरण, भाषाई संरचना, शब्दार्थ और भाषाओं के सामाजिक-ऐतिहासिक विकास पर व्यापक काम किया है। 
उनके शोध-पत्रों और अकादमिक प्रकाशनों ने भारतीय भाषाओं की वैश्विक अध्ययन प्रणाली में योगदान दिया है और भारत-विदेश शैक्षणिक पुल मजबूत किया है। 
वे सीखने और भाषा शिक्षण को आसान बनाने के लिए कई शैक्षणिक पाठ्यक्रम और सामग्री भी तैयार कर चुकी हैं, जिससे रूसी छात्रों के लिए भारतीय भाषाओं का अध्ययन अधिक सुलभ हुआ है। 
🏆 पद्म श्री सम्मान — 2026
📅 जनवरी 2026 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री (चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से सम्मानित किया, जो भारतीय नागरिक और विदेशियों दोनों के लिए भारत की सांस्कृतिक, भाषाई और शैक्षिक विरासत को विश्व स्तर पर फैलाने में विशिष्ट सेवा की मान्यता है। 
यह सम्मान उनके अंतरराष्ट्रीय शिक्षा, भाषाविद्या, और भारतीय भाषाओं के अध्ययन को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने के लिए दिया गया। 
🌍 वैश्विक प्रभाव
उनके काम से भारत-रूस के सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंधों को मजबूती मिली है, खासकर भाषा और साहित्य के आदान-प्रदान के क्षेत्रों में। 
रूसी विश्वविद्यालयों में भारतीय भाषाओं का अध्ययन और शोध अब उनके योगदान के कारण अधिक विकसित और सम्मानित हुआ है। 
📝 सरल हिंदी सार
लीउद्मिला विक्टोरोव्ना खोख्लोवा एक रूसी भाषा वैज्ञानिक और इंडोलॉजिस्ट हैं, जिन्होंने भारतीय भाषाओं, साहित्य और संस्कृति के अध्ययन को रूस और दुनिया में लोकप्रिय बनाया। वे मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं और भारतीय भाषाओं पर शोध किये हैं। उनके कार्य और भारत-रूस शैक्षिक सहयोग के लिए उन्हें 2026 में पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। 

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