PADMSRI SIVASANKARI

 

Sivasankari 
📌 शिवासंकारी (Sivasankari) – जीवनी और नवीन जानकारी
🧑‍🎓 परिचय
शिवासंकारी एक प्रसिद्ध तमिल लेखिका और साहित्यकार हैं। 
इन्होंने तमिल भाषा में उपन्यासों, लघुकथाओं, निबंधों और यात्रा-कहानियों की विशाल संख्या लिखी है और साहित्य के समाज-निर्माण कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। 
📅 जन्म और प्रारंभिक जीवन
शिवासंकारी का जन्म 14 अक्टूबर 1942 को मद्रास (अब चेन्नई), तमिलनाडु, भारत में हुआ था। 
उन्होंने अपनी शिक्षा Sri Ramakrishna Mission और Sarada Vidyalaya स्कूलों में प्राप्त की और बाद में SIET College for Women से पढ़ाई की। 
कैरियर की शुरुआत वे Citibank में पब्लिक रिलेशंस अधिकारी के रूप में हुई थी, लेकिन बाद में लेखन की ओर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया।
✍️ साहित्यिक योगदान
शिवासंकारी ने कई उपन्यास, लघु कथाएँ, निबंध, यात्रा-कहानियाँ और आत्मकथात्मक रचनाएँ लिखी हैं। �
Wikipedia
उनके कई उपन्यासों पर फिल्मों और टीवी-सीरीज़ों का निर्माण भी हुआ, जैसे:
Avan Aval Adhu (1980)
47 Natkal (1981)
Kutty (2001)
Subah (1987 TV सीरीज़) 
उनकी रचनाओं में सामाजिक मुद्दों, महिलाओं की स्थिति, पारिवारिक संरचना और समानता जैसे विषयों को प्रमुखता से उभारा गया है। 
🏆 सम्मान और पुरस्कार
⭐ पद्म श्री (Padma Shri) सम्मान — 2026
शिवासंकारी को 2026 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री (चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान) से सम्मानित किया गया है। 
यह सम्मान उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके दशक-व्यापी कार्यों और योगदान के लिए प्रदान किया गया है। 
पद्म श्री सम्मान की घोषणा 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) के अवसर पर की गई थी। 
🏅 अन्य प्रमुख पुरस्कार
शिवासंकारी को पहले भी कई महत्वपूर्ण सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें शामिल हैं: 
32वीं सरस्वती सम्मान (Saraswati Samman) – 2022 के लिए उनकी आत्मकथा Surya Vamsam के लिए (मुख्य साहित्यिक पुरस्कार)। 
नेशनल लिटरेरी अवॉर्ड (Viswambhara National Literary Award) – अगस्त 2024 में हैदराबाद में प्रदान किया गया। 
कई राज्य-स्तरीय और राष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार और सम्मान। 
Sivashankari
📚 लेखन शैली और विषय
शिवासंकारी की लेखन शैली व्यावहारिक, संवेदनशील और सामाजिक न्याय पर आधारित है। 
उन्होंने उपन्यासों और कहानियों के माध्यम से महिलाओं के जीवन, पारिवारिक संघर्ष, सामाजिक असमानता और परिवर्तन जैसे मुद्दों को गहराई से पेश किया है। 
उनकी पुस्तकें तमिल साहित्य में आज भी व्यापक रूप से पढ़ी और चर्चित हैं। 
📅 लेटेस्ट अपडेट
📌 2025 और 2026 में शिवासंकारी ने साहित्यिक दुनिया में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें:
उन्होंने दो नए साहित्यिक पुरस्कार (Surya और Akshara) स्थापित किए हैं ताकि तमिल साहित्य में योगदान देने वाले लेखकों को सम्मानित किया जा सके। 
Surya Award और Akshara Award जैसे पुरस्कार लेखन, रचना और पुस्तक-प्रकाशन के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करते हैं। 
📝 सरल हिंदी सार
शिवासंकारी एक सम्मानित तमिल लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जिनका जन्म 14 अक्टूबर 1942 को चेन्नई में हुआ था। उन्होंने तमिल साहित्य के क्षेत्र में गहरा योगदान दिया है और उपन्यासों, कहानियों, निबंधों आदि के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को उभारा है। उन्हें 2026 के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया, साथ ही उन्हें अन्य कई राष्ट्रीय और साहित्यिक पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं। 

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