PADMSRI SANT NIRANJAN DAS

 

पद्मश्री संत निरंजन दास
संत निरंजन दास (Sant Niranjan Das) पंजाब के जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत और आध्यात्मिक गुरु हैं, जिन्हें भारत सरकार ने वर्ष 2026 में पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा है। यह सम्मान उन्हें आध्यात्मिक नेतृत्व, सामाजिक सेवा और दलित समुदाय के उत्थान के लिए दिया गया है। 
🌟 प्रारंभिक जीवन और आध्यात्मिक यात्रा
संत निरंजन दास का जन्म 6 जनवरी 1942 को पंजाब के जालंधर जिले के रामदासपुर गाँव में हुआ था। बहुत कम उम्र से ही वे आध्यात्मिक जीवन से जुड़े और मात्र आठ वर्ष की आयु में उन्होंने स्वामी सरवन दास के साथ जीवन बिताना शुरू कर दिया। उनके गुरु ने उन्हें “हवाई घर” (तेज़, अनुशासित व जिम्मेदार) नाम दिया, जो उनकी लगन का प्रतीक है। 
🕉️ डेरा सचखंड बल्लां और नेतृत्व
डेरा सचखंड बल्लां एक प्रख्यात आध्यात्मिक केंद्र है, जो रविदासिया समुदाय के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संत निरंजन दास ने जुलाई 1994 में इस डेरा की गद्दी संभाली और इसे केवल एक धार्मिक स्थान नहीं बल्कि समाजिक परिवर्तन का केंद्र बनाया। 
📜 सामाजिक और सेवा कार्य
संत निरंजन दास ने सरवन दास चैरिटेबल आई हॉस्पिटल, सरवन दास मॉडल स्कूल तथा कई शैक्षिक और स्वास्थ्य संस्थाएँ स्थापित कर हजारों लोगों को लाभ पहुँचाया है। वे “दुखरहित भूमि” के आदर्श को बढ़ावा देते हैं—एक ऐसी दुनिया जहाँ कोई भय और गरीबी न रहे। 
🏆 पद्मश्री सम्मान
26 जनवरी 2026 के गणतंत्र दिवस से पहले केंद्र सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार देने की घोषणा की। यह पुरस्कार सामाजिक सेवा, आध्यात्मिक नेतृत्व और दलित समाज को सशक्त बनाने के उनके लंबे और प्रेरणादायक कार्य के लिए दिया गया। 
📍 भारत और विश्व में पहचान
संत निरंजन दास न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी संत गुरु रविदास की शिक्षाओं का प्रचार करते हैं। उनके नेतृत्व में डेरा सचखंड बल्लां के अनुयायियों ने कई देशों में गुरु घर और समुदाय केंद्र स्थापित किए हैं, जिससे रविदासिया संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिली। 
🤝 प्रधानमंत्री से मुलाकात
1 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु रविदास जयंती के अवसर पर डेरा सचखंड बल्लां में संत निरंजन दास से मुलाकात की और उनके समाज के प्रति योगदान की सराहना की।
📌 सार: संत निरंजन दास का जीवन आध्यात्मिकता, सेवा और समानता का प्रतिक है। उनके कार्यों ने न केवल एक समुदाय में बल्कि भारतीय समाज में समता और भाईचारे का संदेश फैलाया है। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

उडलैन्ड का जूता और वो

MALAYALA MANORAMA

COW MILK AND LEMON JUICE FOR PILES