PADAMSRI SHYAM SUNDAR

 

Padma Shri से सम्मानित डॉ. श्याम सुंदर (Professor Shyam Sundar Agrawal) 
🌟 डॉ. श्याम सुंदर (Professor Shyam Sundar Agrawal) – जीवनी (Biography in Hindi)
👤 परिचय
डॉ. श्याम सुंदर अग्रवाल एक प्रसिद्ध भारतीय चिकित्सक और शोधकर्ता हैं, जो Banaras Hindu University (BHU) के Institute of Medical Sciences (IMS) में प्रोफेसर रहे हैं। उन्हें 2026 के पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। 
🏆 पद्म श्री सम्मान 2026
भारत सरकार ने पद्म श्री 2026 के लिए डॉ. श्याम सुंदर का नाम घोषित किया है, जो रिपब्लिक डे 2026 के अवसर पर दिया जा रहा है। �
💡 शिक्षा और करियर
श्याम सुंदर एक अनुभवी मेडिकल विशेषज्ञ और संक्रमण रोगों (Infectious Diseases) पर शोधकर्ता हैं, विशेषकर ** visceral leishmaniasis (काला-आज़ार)** और इससे जुड़े उपचारों पर काम करते हैं। 
📌 प्रमुख योगदान (Contributions)
🧪 काला-आज़ार (Kala-azar) उपचार में क्रांतिकारी शोध
डॉ. श्याम सुंदर ने काला-आज़ार (जो भारत के कई गरीब क्षेत्रों में एक घातक बीमारी रही है) के निदान और उपचार में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाले शोध किए हैं। उनके योगदान में शामिल हैं: 
लिपोसोमल amphotericin B के एकल-खुराक उपचार (single-dose regimen) का विकास, जिससे इलाज सरल, प्रभावी और सुरक्षित हुआ। 
WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) द्वारा इस उपचार को मान्यता दी गई और इसे भारत के राष्ट्रीय काला-आज़ार उन्मूलन कार्यक्रम में शामिल किया गया। 
उन्होंने RK-39 त्वरित परीक्षण (rapid diagnostic strip test) का पहला सफल परीक्षण किया, जो जल्दी और सटीक निदान में मदद करता है। 
मिल्टेफॉसिन (Miltefosine) नामक मौखिक दवा के विकास और मान्यता में भी उनकी भूमिका रही है, जिसे भारत, नेपाल और बांग्लादेश सहित कई देशों में इस्तेमाल किया जाता है। 
🧠 शोध और चिकित्सा शिक्षा में योगदान
डॉ. श्याम सुंदर ना केवल रोगियों के इलाज में अग्रणी रहे हैं, बल्कि उन्होंने विश्वसनीय चिकित्सा शोध, शिक्षा, और वैज्ञानिक समुदाय में नेतृत्व भी प्रदान किया है। उनका काम सार्वजनिक स्वास्थ्य और कुपोषण जैसी समस्याओं से जुड़े रोगों से निपटने में बेहद उपयोगी माना जाता है।
✨ अन्य सम्मान
डॉ. श्याम सुंदर को पद्म श्री के अलावा भी कई सम्मान और पुरस्कार मिले हैं, जैसे वैज्ञानिक और चिकित्सा समुदाय द्वारा सम्मान, शोध उपलब्धियों के लिए विशेष पुरस्कार आदि। 
📌 सार — उनका प्रभाव
डॉ. श्याम सुंदर का कार्य विशेष रूप से विकासशील और ग्रामीण भारत में रोग नियंत्रण और इलाज को आसान बनाने पर केंद्रित रहा है। उनके शोधों ने हजारों लोगों की जान बचाई है और काला-आज़ार को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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