PADMSRI SHUBHA VENKATESH IYENGER
पद्मश्री सम्मानित डॉ. शुभा वी. वेण्कटेश अयंगर (Shubha Venkatesh Iyengar)
🏅 डॉ. शुभा वी. वेण्कटेश अयंगर — परिचय
डॉ. शुभा वी. वेण्कटेश अयंगर भारत की एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं, जिन्हें पद्मश्री 2026 में विज्ञान और अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।
🎓 शिक्षा और शुरूआती जीवन
शुभा का जन्म 1962 के दशक में हुआ था, और वे कर्नाटक (विशेष रूप से कोलार) से हैं।
उन्होंने बी.एससी. (ऑनर्स) और एम.एससी. दोनों में टॉपर (पहला स्थान) हासिल किया, जिसमें उनकी रुचि भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स में थी।
उनके पिता ने उन्हें विज्ञान पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, खासकर जब उन समय लड़कियों को विज्ञान में करियर बनाना चुनौतीपूर्ण माना जाता था।
🔬 वैज्ञानिक करियर
डॉ. शुभा ने 1982 में सीएसआईआर-राष्ट्रीय एयरोस्पेस लैबोरेटरीज़ (NAL), बेंगलुरु में वैज्ञानिक के रूप में अपना करियर शुरू किया।
उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पदों पर कार्य किया, जिनमें मटेरियल साइंस, एयरपोर्ट इंस्ट्रूमेंटेशन, और एयरोस्पेस तकनीक शामिल हैं।
2020 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे सलाहकार के रूप में विज्ञान व अनुसंधान से जुड़ी रहती हैं।
✈️ ‘Drishti’ — उनकी महान उपलब्धि
डॉ. शुभा का सबसे बड़ा व प्रसिद्ध योगदान है ‘‘ड्रिष्टी’’ (Drishti) — भारत का पहला स्वदेशी रनवे विज़िबिलिटी-मेज़रिंग सिस्टम, जो हवाई पट्टियों पर दृश्यता (visibility) की सही जानकारी देता है।
🔎 Drishti क्या है?
यह तकनीक रनवे पर व्यू (दृष्टि) को वास्तविक-समय (real-time) में मापती है।
कोहरे, धूल, बारिश या धुंध जैसे कठिन मौसम में भी विमान उतारने और टेक-ऑफ के लिए सुरक्षित सूचना देती है।
इससे भारत में महंगी विदेशी प्रणालियों पर निर्भरता कम हुई और आत्मनिर्भर तकनीक विकसित हुई।
यह सिस्टम देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर सालों से सफलतापूर्वक काम कर रहा है।
🏆 सम्मान और पुरस्कार
डॉ. शुभा को पद्मश्री 2026 के लिए चुना गया — भारत का चौथा-सबसे बड़ा नागरिक सम्मान — उनके विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में योगदान के लिए।
इसके अलावा उन्हें कई अन्य मान्यता और पुरस्कार भी मिल चुके हैं, जिनमें: ✔️ कर्नाटक साइंस और टेक्नोलॉजी अकादमी पुरस्कार
✔️ नडाप्रभु केम्पेगौडा राज्य पुरस्कार
✔️ ड्रिष्टी और सीएसआईआर नवाचार पुरस्कार
👩🔬 व्यक्तिगत जीवन और प्रेरणा
शुभा परिवार में नौ भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं और उन्होंने कई चुनौतियों का सामना कर विज्ञान में करियर बनाया।
वे महिलाओं के लिए STEM क्षेत्रों में एक प्रेरणास्पद आदर्श मानी जाती हैं।
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें ‘Monday Motivation’ के रूप में सराहा और प्रेरणास्पद बताया।
✨ सारांश (संक्षेप में)
डॉ. शुभा वी. वेण्कटेश अयंगर:
40+ साल की वैज्ञानिक यात्रा वाली अनुभवी शोधकर्ता हैं।
उन्होंने Drishti जैसी स्वदेशी तकनीक विकसित की जो भारतीय विमानन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

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