PADMSRI SURESH HANAGVADI
Dr. Suresh Hanagavadi (सुरेश हणगवाडी / सुलेश हनगवाडी)
🌟 Dr. Suresh Hanagavadi — परिचय (जीवनी)
नाम: डॉ. सुरेश हणगवाडी (Dr. Suresh Hanagavadi)
क्षेत्र: चिकित्सा (Medicine) और सामाजिक स्वास्थ्य कार्य
मुख्य भूमिका: प्रोफेसर ऑफ पैथोलॉजी, JJM मेडिकल कॉलेज, Davangere, कर्नाटक
प्रमुख योगदान: Haemophilia (एक रक्त के थक्के न जमने वाली दुर्लभ बीमारी) के क्षेत्र में 40+ वर्षों का कार्य और मरीजों के लिये समर्पित सेवा ।
🏅 Padma Shri सम्मान — 2026
डॉ. हणगवाडी को भारत सरकार ने 2026 में “Padma Shri” से सम्मानित किया है — जो भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार उन्हें दशकों तक दुर्लभ रक्त विकार (Haemophilia) के मरीजों की सेवा, जागरूकता, उपचार और देखभाल में योगदान के लिए दिया गया है।
💉 प्रारंभिक जीवन और प्रेरणा
डॉ. हणगवाडी स्वयं गंभीर Haemophilia B के साथ जीवन भर जूझते रहे, जिससे उन्हें इस रोग के दर्द और चुनौतियों का व्यक्तिगत अनुभव रहा।
उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थी उनके मामा Neelakantappa का haemophilia के कारण 1980 में निधन, जिसने उन्हें यह प्रण लेने पर मजबूर किया कि वे अन्य मरीजों को ऐसा दुःख न झेलना पड़े ।
🧑⚕️ चिकित्सा और सेवा
📌 मुख्य योगदान और उपलब्धियाँ
JJM मेडिकल कॉलेज में पैथोलॉजी के प्रोफेसर के रूप में कार्य करते हुए, उन्होंने कर्नाटक Haemophilia Society (KHS) की स्थापना की।
KHS ने रक्त विकारों से पीड़ित कई मरीजों को पहचान, निदान, इलाज और पुनर्वास में सहायता दी है।
उन्होंने Davangere में एक व्यापक Haemophilia Treatment Centre स्थापित किया – जहाँ रक्त से जुड़ी विरल बीमारियों के लिए इलाज एक ही छत के नीचे उपलब्ध है।
मरीजों को मुफ्त इलाज और दवाइयाँ प्रदान कराने के लिए सरकारी और सार्वजनिक सहयोग जुटाया, जिससे इलाज मुश्किल आर्थिक स्थितियों से भी संभव हुआ।
डॉ. हणगवाडी ने Haemophilia को व्यक्ति विशेष की पीड़ा से सामाजिक मुद्दा तक लाने के लिये जागरूकता और नीति-स्तर पर वकालत की।
🩸 समुदाय और सामाजिक प्रभाव
डॉ. हणगवाडी ने haemophilia जैसे विरल रोग को स्वास्थ्य-समुदाय की प्राथमिकता में शामिल करने, देखभाल-नेटवर्क विकसित करने, और अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया है।
यह प्रयास केवल चिकित्सीय नहीं बल्कि समाज-उन्मुख, जागरूकता और समर्थन-निर्माण की दिशा में भी रहा है।
📣 उनका संदेश
डॉ. हणगवाडी का मानना है कि कोई भी परिवार किसी की मौत या जीवन-निर्धारण जोखिम में न पड़े केवल इसलिए कि उचित उपचार उपलब्ध न हो।
उन्होंने कहा है कि यह Padma Shri सम्मान हाथ-पकड़ ने दिया गया समर्थन नहीं बल्कि “समाज-सेवा की पहचान” है, और इससे देश भर के haemophilia मरीजों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलने में सहायता मिलेगी।

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