PADMSRI NILESH VINODCHANDRA MANDLEWALA
Nilesh Vinodchandra Mandlewala (नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला)
🌟 नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला — परिचय (जीवनी)
नाम: Nilesh Vinodchandra Mandlewala (नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला)
जन्म स्थान: सूरत, गुजरात, भारत
क्षेत्र: सामाजिक कार्य (Social Work), विशेषकर ऑर्गन डोनेशन (Organ Donation) की जनजागरूकता
मुख्य पहचान: “Donate Life” नामक संस्था के संस्थापक और प्रमुख अभियानकर्ता
सम्मान: भारत सरकार द्वारा Padma Shri Award 2026 से सम्मानित
🏆 Padma Shri सम्मान — 2026
भारत सरकार ने Padma Shri 2026 से निलेश मंडलेवाला को सामाजिक कार्य (Social Work) के लिए सम्मानित किया है। यह सम्मान देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान में गिना जाता है।
इस उपलब्धि के साथ, वे सूरत और गुजरात से Padma Shri पाने वाले प्रतिष्ठित व्यक्ति बन गए हैं।
💪 जीवन यात्रा और प्रेरणा
नीलेश मंडलेवाला की जिंदगी में बदलाव तब आया जब उनके पिता को 1997 में किडनी फेलियर (kidney failure) हुआ और उन्हें 2004 से नियमित डायलिसिस करानी पड़ी। इस कठिन अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि भारत में अंगदान और ट्रांसप्लांट की जागरूकता बहुत कम है।
उनके पिता के संघर्ष और दर्द को देखकर, उन्होंने 2005 से ऑर्गन डोनेशन की जागरूकता फैलाना शुरू किया — खासकर ब्रेन डेड और कैडेवर अंगदान (cadaver donor awareness) के बारे में।
❤️ Donate Life — संस्था और कार्य
नीलेश ने 2014 में Donate Life नामक गैर-लाभकारी संस्था की स्थापना की — जिसका लक्ष्य ऑर्गन डोनेशन को बढ़ावा देना और दान किए अंगों को जरूरतमंद मरीजों तक पहुँचाना है।
📌 Donate Life के प्रमुख कार्यक्षेत्र:
ऑर्गन और टिश्यू डोनेशन की जागरूकता फैलाना
अस्पतालों और समुदायों में दाताओं और परिवारों को काउंसलिंग
ऑर्गन रिट्रीवल (organ retrieval) प्रक्रियाओं को मदद देना
कॉर्पस डोनेशन, लिवर, किडनी, हृदय, फेफड़े, हाथ और अन्य अंगों के दान के बारे में शिक्षा देना
📊 मुख्य उपलब्धियाँ और आंकड़े
👉 1,366 से अधिक ऑर्गन और टिश्यू डोनेट किए गए (किडनी, लिवर, हृदय, फेफड़े, हाथ, इत्यादि) — जिससे 1,250+ लोगों को नई जिंदगी मिली।
👉 57 सफल हृदय (heart) ट्रांसप्लांट भी इसी प्रयास का हिस्सा रहे हैं।
👉 Donate Life की पहल से 100+ रिट्रीवल अस्पतालों और सहयोग नेटवर्क का निर्माण हुआ है।
📍 राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय मान्यता
🌟 गुजरात सरकार ने भी उनके कार्य को पहचानते हुए उन्हें Gujarat Garima Award (गुजरात का सर्वोच्च नागरिक सम्मान) दिया था।
🎖️ और अब Padma Shri 2026 के साथ उनका योगदान राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुआ है।
💡 उनका संदेश
नीलेश भैया का मानना है कि एक जीवन की मौत केवल इसलिए न हो क्योंकि अंग उपलब्ध नहीं हैं, और इसके लिए समाज को जागरूक करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

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