बावन बूटी एक बुनकर कला है जो सूती या तसर के कपड़े पर एक जैसी खास तरह की 52[बावन] बूटियां हाथ से टांकी जाती है।बावन बूटी में कमल का फूल,बोली वृक्ष,सुनहरी मछली,बैल, त्रिशूल, धर्म का पहिया, फूलदान,शंख, पारसोल, खजाना आदि बौद्ध प्रतीक चिह्न की बहुत बारीक कारीगरी होती है। इस कला की शुरुआत नालंदा जिला के बसावन विगहा के शनिचर तांती द्वारा किया गया था।इस कला को शनिचर तांती के पौत्र श्री कपिल देव प्रसाद द्वारा और आगे बढ़ाया गया जिसके लिए इन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।