उडलैन्ड का जूता और वो
समय सुबह का 7 बजकर पचास मिनट हुआ था। मै बरूआचक स्टेशन पर नाईट शिफ्ट के लगभग समाप्ति पर था।तभी दिन के शिफ्ट का अधीनस्थ कर्मचारी उनसठ वर्षीय श्री राजपति का कार्यालय मे प्रवेश होता है।तभी अनायास ही हमारी नजर श्री राजपति के उडलैंड के बादामी रंग के जूते पर टिक गया।तभी हमने मजाक करने के लिए कह दिया कि राजपति तो पच्चीस साल के जवान आज दिख रहे है।उसने हमारे मजाक का बिना कोई प्रत्युत्तर दिए मुस्कुरा दिया।फिर उस दिन बात आई गई हो गई और मै भी ड्यूटी शिफ्ट से छुट गया। अगले दिन वो शख्स फिर वही जूता पहन कर आया या नही,मुझे ध्यान नही रहा।परन्तु मेरे द्वारा निर्विकार भाव से किए गए उस मजाक का राजपति पर शायद गहरा असर हुआ जिससे मै अनभिज्ञ था।फिर कुछ दिन बाद राजपति की ड्यूटी मेरे दिन के शिफ्ट मे साथ मे लगी।उस दिन किसी ने फोन पर मुझसे उसका यू ही हालचाल पूछा।फोन पर ही दुर्भाग्यवश राजपति के सामने ही मेरे मुँह से फिर मजाक निकल गया।फिर क्या था।लोहा गरम था ही।हमारे पुनः मजाक का प्रतिक्रिया होना लाजिमी था सो हुआ।मै भौचक रह गया। उस शख्स के मन मे प्रतिक्रिया शायद इस बात को लेकर था कि एक छोटे कर्मचारी क्या अच...



ब्रह्म कुण्ड, राजगीर
जवाब देंहटाएंब्रह्म कुण्ड भारत के बिहार राज्य में स्थित राजगीर नगर का एक प्रसिद्ध और पवित्र स्थान है। यह स्थल धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। ब्रह्म कुण्ड एक गर्म जलस्रोत (गर्म पानी का कुंड) है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसका संबंध स्वयं ब्रह्मा जी से है। कहते हैं कि ब्रह्मा जी ने यहां स्नान किया था, इसी कारण इसे "ब्रह्म कुण्ड" कहा जाता है।
राजगीर हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक तीर्थस्थान रहा है। ब्रह्म कुण्ड यहाँ का प्रमुख आकर्षण है, जहाँ प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। यहाँ का जल प्राकृतिक रूप से गर्म रहता है, जिसमें कई प्रकार के खनिज तत्व पाए जाते हैं, जैसे गंधक (सल्फर)। यह पानी त्वचा रोगों और अन्य शारीरिक बीमारियों के इलाज के लिए लाभकारी माना जाता है।
ब्रह्म कुण्ड के आसपास अनेक मंदिर हैं, जैसे लक्ष्मण मंदिर, सूर्य मंदिर और दुर्गा मंदिर। यहाँ धार्मिक मेले भी आयोजित होते हैं, विशेषकर मकर संक्रांति के अवसर पर। लोग दूर-दूर से आकर इस पवित्र जल में स्नान करते हैं और पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
ब्रह्म कुण्ड के पास सुंदर प्राकृतिक दृश्य और पहाड़ियाँ भी देखने को मिलती हैं। राजगीर का वातावरण शांत, आध्यात्मिक और सौंदर्यपूर्ण होता है, जो मन को शांति और सुकून प्रदान करता है।
अतः ब्रह्म कुण्ड केवल एक जलकुंड नहीं, बल्कि आस्था, उपचार और प्रकृति का संगम है। यह स्थान न केवल धार्मिक महत्त्व रखता है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पक्ष भी इसे विशेष बनाता है। राजगीर की यात्रा ब्रह्म कुण्ड के बिना अधूरी मानी जाती है।