नीलकंठेश्र्वर महादेव उदयपुर

भारतीय वास्तुकला का अदभुत साक्ष्य

इस मंदिर की वास्तुकला इस प्रकार की है कि सुबह की पहली किरण वेधशाला, मंडप और गर्भगृह के छोटे से द्वार को चीरती हुई शिवलिंग पर इस प्रकार पड़ती है।मानो सूर्य देवता बाबा भोलेनाथ को प्रणाम कर दुनिया में प्रकाश फैलाने की अनुमति मांगते हो ।




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