समय सुबह का 7 बजकर पचास मिनट हुआ था। मै बरूआचक स्टेशन पर नाईट शिफ्ट के लगभग समाप्ति पर था।तभी दिन के शिफ्ट का अधीनस्थ कर्मचारी उनसठ वर्षीय श्री राजपति का कार्यालय मे प्रवेश होता है।तभी अनायास ही हमारी नजर श्री राजपति के उडलैंड के बादामी रंग के जूते पर टिक गया।तभी हमने मजाक करने के लिए कह दिया कि राजपति तो पच्चीस साल के जवान आज दिख रहे है।उसने हमारे मजाक का बिना कोई प्रत्युत्तर दिए मुस्कुरा दिया।फिर उस दिन बात आई गई हो गई और मै भी ड्यूटी शिफ्ट से छुट गया। अगले दिन वो शख्स फिर वही जूता पहन कर आया या नही,मुझे ध्यान नही रहा।परन्तु मेरे द्वारा निर्विकार भाव से किए गए उस मजाक का राजपति पर शायद गहरा असर हुआ जिससे मै अनभिज्ञ था।फिर कुछ दिन बाद राजपति की ड्यूटी मेरे दिन के शिफ्ट मे साथ मे लगी।उस दिन किसी ने फोन पर मुझसे उसका यू ही हालचाल पूछा।फोन पर ही दुर्भाग्यवश राजपति के सामने ही मेरे मुँह से फिर मजाक निकल गया।फिर क्या था।लोहा गरम था ही।हमारे पुनः मजाक का प्रतिक्रिया होना लाजिमी था सो हुआ।मै भौचक रह गया। उस शख्स के मन मे प्रतिक्रिया शायद इस बात को लेकर था कि एक छोटे कर्मचारी क्या अच...
I want to know about Dinesh lad
ReplyDeleteदिनेश जवाहर लाड, भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर जैसे कई युवा क्रिकेटरों को तैयार करने वाले कोच हैं. उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.
ReplyDeleteदिनेश जवाहर लाड से जुड़ी कुछ खास बातें:
दिनेश जवाहर लाड, रोहित शर्मा के बचपन के कोच हैं.
रोहित शर्मा 12 साल के थे जब वे साल 1999 में दिनेश लाड के पास आए थे.
दिनेश लाड ने रोहित शर्मा को बल्लेबाज़ी में बदलाव करने की सलाह दी और उनकी शैली और रणनीति को बेहतर बनाने में भी मदद की.
दिनेश लाड अक्सर किसी प्रतिभाशाली छात्र को बिना किसी फ़ीस के अपने साथ रहने के लिए आमंत्रित करते थे.
दिनेश लाड ने अपनी मूल बुद्धि और व्यावहारिक ज्ञान पर भरोसा करते हुए युवा उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया.
दिनेश लाड के बेटे सिद्धेश दिनेश लाड भी एक भारतीय घरेलू क्रिकेट खिलाड़ी हैं.