RIVER MANDAKINI


मंदाकिनी नदी 

भारत की एक पवित्र और ऐतिहासिक नदी है। इसकी पहचान मुख्य रूप से दो स्थानों से जुड़ी है। पहली मंदाकिनी उत्तराखंड में बहती है, जिसका उद्गम केदारनाथ के निकट चोराबाड़ी हिमनद (गांधी सरोवर) से माना जाता है। यह नदी रुद्रप्रयाग में  से मिलती है। दूसरी मंदाकिनी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में बहती है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है और जिसका उल्लेख रामायण में मिलता है।

उत्तराखंड की मंदाकिनी नदी लगभग 80 किलोमीटर की यात्रा करते हुए हिमालय की सुंदर घाटियों से गुजरती है। इसके तट पर  स्थित है, जो भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। प्रत्येक वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पवित्र धाम के दर्शन के लिए आते हैं। वर्ष 2013 की विनाशकारी आपदा में मंदाकिनी नदी ने भीषण बाढ़ का रूप धारण किया था, जिससे केदारनाथ क्षेत्र में भारी क्षति हुई थी।

चित्रकूट की मंदाकिनी नदी का संबंध भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनवास काल से माना जाता है। मान्यता है कि उन्होंने चित्रकूट में इसी नदी के तट पर समय व्यतीत किया था। इसलिए यह नदी धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसके किनारे स्थित  पर श्रद्धालु स्नान, पूजा और दीपदान करते हैं।

मंदाकिनी नदी प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है। यह नदी न केवल जल का महत्वपूर्ण स्रोत है, बल्कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा और पर्यावरणीय संतुलन की भी प्रतीक है। इसके संरक्षण और स्वच्छता के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इसकी पवित्रता और सुंदरता का अनुभव कर सकें।

Comments

Popular posts from this blog

उडलैन्ड का जूता और वो

MALAYALA MANORAMA

NALSAR HYDERABAD