ITBP
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP)
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, जिसे आईटीबीपी (ITBP – Indo-Tibetan Border Police) कहा जाता है, भारत का एक महत्वपूर्ण केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। इसकी स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की उत्तरी सीमाओं की सुरक्षा करना और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की रक्षा करना है। आईटीबीपी का मुख्यालय नई दिल्ली में है और यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
आईटीबीपी मुख्य रूप से भारत-चीन सीमा की निगरानी और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके जवान हिमालय के अत्यंत ऊँचे और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात रहते हैं। कई सीमा चौकियाँ समुद्र तल से हजारों मीटर की ऊँचाई पर स्थित हैं, जहाँ अत्यधिक ठंड, बर्फबारी, तेज हवाओं और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए आईटीबीपी के जवानों को विशेष पर्वतीय और उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
आईटीबीपी केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं है। यह आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, बचाव एवं राहत कार्य, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और चुनावी ड्यूटी में भी योगदान देती है। हिमस्खलन, भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इसके प्रशिक्षित जवान राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
आईटीबीपी के जवानों को उनकी बहादुरी, अनुशासन, शारीरिक क्षमता और कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाने के लिए जाना जाता है। उनका जीवन चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद वे देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। “शौर्य, दृढ़ता, कर्मनिष्ठा” आईटीबीपी के आदर्श वाक्य को दर्शाता है। भारत की सुरक्षा व्यवस्था में आईटीबीपी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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