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CBD MAIDAN DELHI

 सीबीडी मैदान, दिल्ली: आधुनिक शहरी विकास का प्रतीक दिल्ली में सीबीडी मैदान (CBD Maidan) नाम से किसी विशिष्ट स्थान की पहचान स्पष्ट नहीं है। यदि आपका आशय दिल्ली के सीबीडी (Central Business District) क्षेत्र से है, तो यह शब्द शहर के उस हिस्से के लिए इस्तेमाल होता है जहाँ कार्यालय, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बैंक और अन्य आर्थिक गतिविधियाँ केंद्रित होती हैं। दिल्ली में पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा क्षेत्र में स्थित सीबीडी परिसर का संबंध व्यावसायिक और कार्यालयी विकास से है। यह इलाका आवासीय सुविधाओं, सड़कों और सार्वजनिक परिवहन के लिहाज से भी महत्त्वपूर्ण है। दिल्ली जैसे महानगर में ऐसे व्यावसायिक केंद्र रोजगार के अवसर बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने में योगदान देते हैं। सीबीडी मैदान की ताजा चर्चा अक्टूबर 2026 में सीबीडी ग्राउंड चर्चा में आया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित धरना-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाकर पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड, रामलीला मैदान और बुराड़ी मैदान को वैकल्पिक स्थल घोषित किया है।  सीबीडी ग्राउंड का चयन राजधानी में बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों ...

BURADI MAIDAN DELHI

 बुराड़ी मैदान, दिल्ली: इतिहास, पहचान और महत्व दिल्ली के उत्तरी क्षेत्र में स्थित बुराड़ी मैदान का नाम स्थानीय स्तर पर काफी जाना जाता है। बुराड़ी दिल्ली के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में से एक है। यह क्षेत्र आवासीय बस्तियों, सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक गतिविधियों के कारण अपनी अलग पहचान रखता है। बुराड़ी में स्थित मैदानों का उपयोग स्थानीय आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों, सभाओं और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। भौगोलिक स्थिति और आसपास का क्षेत्र बुराड़ी उत्तरी दिल्ली में यमुना नदी के निकटवर्ती क्षेत्र में स्थित है। इसके आसपास संत नगर, निरंकारी कॉलोनी और अन्य आवासीय इलाके हैं। यहां दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से सड़क मार्ग द्वारा पहुंचा जा सकता है। क्षेत्र में आबादी बढ़ने के साथ सार्वजनिक स्थानों और खुले मैदानों की उपयोगिता भी बढ़ी है। हालांकि, बुराड़ी मैदान नाम से किसी विशिष्ट स्थल का सटीक पता और उसकी वर्तमान सुविधाओं की पुष्टि आवश्यक है। बुराड़ी मैदान का विशेष महत्व बुराड़ी मैदान को अक्टूबर 2026 में दिल्ली में सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक स्थल क...

VOTE CLUB DELHI

 वोट क्लब, दिल्ली: इतिहास, महत्व और प्रमुख आकर्षण दिल्ली में यमुना नदी के किनारे स्थित वोट क्लब (Boat Club) नाम से प्रसिद्ध क्षेत्र राजधानी के इतिहास, राजनीति और सार्वजनिक आयोजनों से जुड़ा रहा है। हालांकि, दिल्ली में इस नाम का उल्लेख अलग-अलग संदर्भों में किया जाता है, इसलिए किसी विशेष संस्था या वर्तमान स्थल की पहचान करना आवश्यक है। दिल्ली के ऐतिहासिक राजपथ, जिसे अब कर्तव्य पथ कहा जाता है, के आसपास का क्षेत्र स्वतंत्र भारत में अनेक राष्ट्रीय समारोहों, जनसभाओं और सार्वजनिक आयोजनों का केंद्र रहा है। पहले इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन के बीच के इलाके में बड़ी संख्या में लोग जुटते थे। इसी व्यापक क्षेत्र के संदर्भ में वोट क्लब का नाम भी ऐतिहासिक चर्चाओं में आता है। बोट क्लब का ऐतिहासिक महत्व बोट क्लब का सबसे चर्चित अध्याय वर्ष 1988 में सामने आया, जब भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुँचे। किसानों ने गन्ने के उचित मूल्य, बिजली बिलों में राहत और कृषि संबंधी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस आंदोलन ने राष्ट्रीय राजनीति और किसा...

THE LEELA MUMBAI

 द लीला मुंबई: विलासिता और भारतीय आतिथ्य का अनूठा संगम मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी होने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र भी है। इसी महानगर में स्थित द लीला मुंबई (The Leela Mumbai) भारत के प्रसिद्ध लक्जरी होटलों में से एक है। यह होटल अपनी शानदार वास्तुकला, उत्कृष्ट सुविधाओं, स्वादिष्ट व्यंजनों और भारतीय आतिथ्य परंपरा के लिए जाना जाता है। द लीला मुंबई का पता अंधेरी ईस्ट में सहार एयरपोर्ट रोड पर है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इसकी निकटता है। इस कारण यह होटल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, व्यापारियों और महत्वपूर्ण अतिथियों के लिए सुविधाजनक स्थान है। होटल का वातावरण हरे-भरे बगीचों, सुंदर जल संरचनाओं, आकर्षक सजावट और शांतिपूर्ण परिसर के कारण विशेष अनुभव प्रदान करता है। मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में यह स्थान मेहमानों को सुकून और आराम का एहसास कराता है। इसके कमरों और सुइट्स को आधुनिक सुविधाओं तथा सुरुचिपूर्ण सजावट के साथ तैयार किया गया है।

IMRAN PRATAPGARHI

इमरान प्रतापगढ़ी: जीवन परिचय और राजनीतिक सफर इमरान प्रतापगढ़ी भारत के प्रसिद्ध उर्दू शायर, कवि और राजनेता हैं। वे अपनी ओजपूर्ण शायरी, मुशायरों में प्रभावशाली प्रस्तुति और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक विचारों के लिए जाने जाते हैं। उनका वास्तविक नाम इमरान प्रतापगढ़ी है। उनका संबंध उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से है। शायरी के क्षेत्र में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई और बाद में राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। इमरान प्रतापगढ़ी की लोकप्रियता विशेष रूप से उनकी उन कविताओं और नज्मों के कारण बढ़ी, जिनमें सामाजिक समानता, इंसानियत, प्रेम, भाईचारे और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने जैसे विषय शामिल होते हैं। उनकी शायरी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रही है। वे अपनी प्रस्तुतियों में भावनाओं, शब्दों और सामाजिक संदेश का प्रभावशाली संयोजन करते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित मुशायरों और काव्य कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।

SANJAY JHA

 संजय झा: जीवन परिचय, राजनीति और योगदान संजय झा भारतीय राजनीति के एक प्रमुख नेता हैं, जो बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। वे जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू से जुड़े हैं और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों में गिने जाते हैं। उन्होंने बिहार की राजनीति में संगठनात्मक कार्यों, राजनीतिक रणनीति और विभिन्न विकास संबंधी मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका के कारण पहचान बनाई है। संजय झा का संबंध बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र से है। मिथिलांचल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, मैथिली भाषा और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है। संजय झा ने अपने राजनीतिक जीवन में इस क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े विषयों को उठाया है। वे विशेष रूप से बिहार में बुनियादी सुविधाओं, सड़क, बिजली, सिंचाई और विकास योजनाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा करते रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ भी राजनीतिक रूप से काम किया और बाद में जनता दल (यूनाइटेड) में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका स्थापित की। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजनीति में उनकी सक्रियता ने उन्हें बिहार के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल क...

MANOJ JHA

 मनोज झा: जीवन परिचय, राजनीतिक सफर और विचारधारा मनोज झा भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद् और सामाजिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखने वाले वक्ता हैं। वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता हैं और बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। वे संसद में सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से उठाने के लिए जाने जाते हैं। मनोज झा का जन्म 1967 में बिहार में हुआ था। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाया। वे दिल्ली विश्वविद्यालय के सामाजिक कार्य विभाग से जुड़े रहे हैं और वहाँ अध्यापन एवं शोध के माध्यम से समाज से संबंधित विभिन्न विषयों पर काम किया है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक असमानता, जाति व्यवस्था और वंचित वर्गों की समस्याओं को समझने का विशेष दृष्टिकोण प्रदान किया। राजनीति में मनोज झा राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली पार्टी की विचारधारा का प्रतिनिधित्व करते हैं। वर्ष 2018 में वे ब...

DHRUV RATHI

 ध्रुव राठी: जीवन परिचय, शिक्षा और यूट्यूब करियर ध्रुव राठी भारत के प्रसिद्ध यूट्यूबर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और वीडियो निर्माता हैं। वे मुख्य रूप से सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विषयों पर वीडियो बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनके वीडियो में समसामयिक घटनाओं, सरकारी नीतियों, ऐतिहासिक तथ्यों और विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों का विश्लेषण किया जाता है। उनकी प्रस्तुति शैली सरल और तथ्य-आधारित जानकारी देने पर केंद्रित रहती है। ध्रुव राठी का जन्म 8 अक्टूबर 1994 को हरियाणा, भारत में हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा जर्मनी में प्राप्त की। वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए जर्मनी गए और वहाँ से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक तथा नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित विषय में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की। जर्मनी में रहने के अनुभव ने उनके दृष्टिकोण और पर्यावरण संबंधी रुचियों को प्रभावित किया।

K C VENUGOPAL

 के. सी. वेणुगोपाल: भारतीय राजनीति के प्रमुख नेता के. सी. वेणुगोपाल (केशव चंद्र वेणुगोपाल) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। उनका पूरा नाम केशव चंद्र वेणुगोपाल है। वे केरल की राजनीति से जुड़े हुए हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्हें पार्टी के अनुभवी रणनीतिकारों और प्रमुख संगठनात्मक नेताओं में गिना जाता है। के. सी. वेणुगोपाल का जन्म 4 फरवरी 1963 को केरल में हुआ था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की। वे केरल में छात्र संगठन के माध्यम से सक्रिय हुए और धीरे-धीरे कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। छात्र राजनीति के अनुभव ने उन्हें संगठन निर्माण, जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियों में दक्ष बनाया। उन्होंने केरल की राजनीति में अपनी पहचान स्थापित की और राज्य सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे केरल विधानसभा के सदस्य रहे तथा राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, वे लोकसभा के सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

RAJEEV CHOWK DELHI

 राजीव चौक, दिल्ली: राजधानी का प्रमुख केंद्र दिल्ली के कनॉट प्लेस क्षेत्र में स्थित राजीव चौक राजधानी दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध और व्यस्त स्थानों में से एक है। यह स्थान अपनी ऐतिहासिक इमारतों, आधुनिक बाजारों, व्यावसायिक गतिविधियों और दिल्ली मेट्रो के विशाल इंटरचेंज स्टेशन के लिए जाना जाता है। राजीव चौक का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया है। ऐतिहासिक एवं भौगोलिक महत्व राजीव चौक नई दिल्ली के केंद्र में स्थित है और प्रसिद्ध कनॉट प्लेस का प्रमुख हिस्सा है। कनॉट प्लेस का निर्माण ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था। यहाँ की सफेद रंग की औपनिवेशिक शैली की इमारतें, गोलाकार बाजार और स्तंभों वाले गलियारे इसकी विशेष पहचान हैं। आज यह क्षेत्र दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक, पर्यटन और मनोरंजन केंद्रों में गिना जाता है। दिल्ली मेट्रो का प्रमुख स्टेशन राजीव चौक मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में से एक है। यहाँ ब्लू लाइन और येलो लाइन के बीच यात्रियों को मेट्रो बदलने की सुविधा मिलती है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और पर्यटक इस स्टेशन...

DARIYAGANJ DELHI

 दरियागंज, दिल्ली: इतिहास, संस्कृति और बाजार की अनूठी पहचान दिल्ली के पुराने और ऐतिहासिक इलाकों में दरियागंज का विशेष स्थान है। यह क्षेत्र पुरानी दिल्ली में स्थित है और अपनी ऐतिहासिक इमारतों, पुस्तक बाजार, खानपान तथा पारंपरिक बाजारों के लिए प्रसिद्ध है। दरियागंज दिल्ली की उस विरासत का हिस्सा है, जहाँ इतिहास और आधुनिक जीवन का सुंदर मेल देखने को मिलता है। ऐतिहासिक महत्व दरियागंज का विकास मुगलकालीन शाहजहानाबाद के आसपास के क्षेत्र के रूप में हुआ। पुरानी दिल्ली की स्थापना मुगल सम्राट शाहजहाँ ने 17वीं शताब्दी में कराई थी। दरियागंज का नाम पुराने समय में यमुना नदी से जुड़े भौगोलिक संदर्भों और स्थानीय इतिहास से जोड़ा जाता है। ब्रिटिश शासन के दौरान भी यह इलाका दिल्ली के महत्वपूर्ण आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल रहा। यहाँ की पुरानी गलियाँ और आसपास के ऐतिहासिक स्थल बीते समय की झलक प्रस्तुत करते हैं। पुस्तकों और बाजारों के लिए प्रसिद्ध दरियागंज की सबसे खास पहचान इसके पुस्तक बाजार से जुड़ी है। यहाँ लंबे समय से पुरानी, दुर्लभ और इस्तेमाल की गई किताबें खरीदने के लिए पुस्तक प्रेमी आते रहे...

MOETS DELHI

 मोएट्स (Moets) : दिल्ली का प्रसिद्ध रेस्तराँ मोएट्स (Moets) दिल्ली का एक प्रसिद्ध रेस्तराँ ब्रांड है, जो अपने स्वादिष्ट भोजन, आकर्षक वातावरण और विविध व्यंजनों के लिए जाना जाता है। दिल्ली में खान-पान के शौकीनों के बीच इसकी पहचान एक ऐसे स्थान के रूप में रही है, जहाँ परिवार और मित्रों के साथ भोजन का आनंद लिया जा सकता है। यह विशेष रूप से उत्तर भारतीय भोजन और लोकप्रिय रेस्तराँ संस्कृति से जुड़ा हुआ है। मोएट्स का नाम दिल्ली के भोजन प्रेमियों के बीच काफी जाना जाता है। यहाँ भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय खाद्य विकल्प भी मिल सकते हैं। मेन्यू में उपलब्ध व्यंजन शाखा और समय के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। स्वादिष्ट भोजन, अच्छी प्रस्तुति और आरामदायक माहौल किसी भी रेस्तराँ को लोकप्रिय बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दिल्ली जैसे महानगर में रेस्तराँ केवल भोजन करने की जगह नहीं हैं, बल्कि सामाजिक मेल-जोल और पारिवारिक समारोहों का भी महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं। मोएट्स जैसे प्रतिष्ठान इस शहरी खान-पान संस्कृति को दर्शाते हैं। लोग यहाँ अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और परिचितों के साथ स...

FREEDOM PARK BENGALURU

फ्रीडम पार्क, बेंगलुरु फ्रीडम पार्क बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। यह स्थान शहर के मध्य में स्थित है और अपने इतिहास, वास्तुकला तथा लोकतांत्रिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। फ्रीडम पार्क पहले सेंट्रल जेल, बेंगलुरु का परिसर था। जेल के बंद होने के बाद इसके एक बड़े हिस्से को सार्वजनिक पार्क के रूप में विकसित किया गया। आज यह स्थान बेंगलुरु के प्रमुख पर्यटन और नागरिक गतिविधि केंद्रों में शामिल है। फ्रीडम पार्क का इतिहास भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ा हुआ है। ब्रिटिश शासन के दौरान यहां की जेल में अनेक स्वतंत्रता सेनानियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बंद रखा गया था। इसी कारण यह स्थान स्वतंत्रता संघर्ष और लोकतांत्रिक अधिकारों की याद दिलाता है। पार्क में जेल की पुरानी इमारतों और संरचनाओं के अवशेष आज भी इसके अतीत की कहानी बताते हैं। पार्क में पीपुल्स कोर्ट, जेल संग्रहालय, जेलर का कार्यालय, वाटर टैंक और टावर जैसी ऐतिहासिक संरचनाएं देखने को मिलती हैं। यहां खुले स्थानों में सामाजिक एवं लोकतांत्रिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। विशेष रूप से शांतिप...

NATIONAL WAR MEMORIAL DELH

 राष्ट्रीय युद्ध स्मारक, दिल्ली राष्ट्रीय युद्ध स्मारक भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित देश के वीर सैनिकों को समर्पित एक महत्वपूर्ण स्मारक है। इसका निर्माण उन भारतीय सैनिकों की वीरता, साहस और बलिदान को सम्मान देने के लिए किया गया है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इसका उद्घाटन 25 फरवरी 2019 को किया गया था। यह स्मारक इंडिया गेट के निकट स्थित है और आधुनिक भारत के प्रमुख राष्ट्रीय स्मारकों में गिना जाता है। स्मारक परिसर में चार प्रमुख चक्र बनाए गए हैं—अमर चक्र, वीरता चक्र, त्याग चक्र और रक्षक चक्र। ये चक्र सैनिकों के अमर बलिदान, वीरता, त्याग और राष्ट्र की रक्षा की भावना को दर्शाते हैं। त्याग चक्र में शहीद सैनिकों के नाम अंकित हैं। यहां पहुंचकर आगंतुक उन सैनिकों को श्रद्धांजलि दे सकते हैं जिन्होंने विभिन्न युद्धों और सैन्य अभियानों में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। स्मारक की वास्तुकला में भारतीय संस्कृति, सैन्य परंपरा और आधुनिक डिजाइन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक केवल एक इमारत या स्मृति स्थल नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति और सैनि...

DIFFERENT GATES OF NEW PARLIAMENT BUILDING DELHI

 नए संसद भवन, नई दिल्ली के विभिन्न द्वार भारत का नया संसद भवन अपनी त्रिकोणीय वास्तुकला के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी दर्शाता है। इसके छह प्रमुख प्रवेश द्वार हैं, जिनके नाम भारतीय परंपरा में महत्वपूर्ण जीव-जंतुओं से जुड़े हैं। संसद के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार इन द्वारों का उपयोग अलग-अलग श्रेणी के लोगों के प्रवेश के लिए निर्धारित किया गया है।  गज द्वार (Gaja Dwar)  ‘गज’ का अर्थ हाथी है। यह औपचारिक एवं VVIP प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग होता है। सितंबर 2023 में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसी गज द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।  अश्व द्वार (Ashva Dwar)  ‘अश्व’ का अर्थ घोड़ा है। यह मुख्य रूप से राज्यसभा के सभापति और उपसभापति के प्रवेश के लिए निर्धारित है।  गरुड़ द्वार (Garuda Dwar)  गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन माने जाते हैं। इस द्वार से अधिकारी, मीडिया, आगंतुक तथा लोकसभा गैलरी में जाने वाले लोग प्रवेश करते हैं।  मकर द्वार (Makara Dwar)  ‘मकर’ भारतीय परंपरा में एक पौराणिक जलचर प्राणी है। यह सांसदों के प्रवेश के लिए निर्धारित प्रमुख ...

CENTRAL VISTA PROJECT DELHI

 सेंट्रल विस्टा परियोजना, दिल्ली सेंट्रल विस्टा परियोजना भारत की राजधानी नई दिल्ली के प्रशासनिक और ऐतिहासिक क्षेत्र के पुनर्विकास की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य संसद भवन, केंद्रीय मंत्रालयों के कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी भवनों के आसपास के क्षेत्र को आधुनिक, सुव्यवस्थित और अधिक सुविधाजनक बनाना है। यह परियोजना राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले सेंट्रल विस्टा क्षेत्र के पुनर्विकास से जुड़ी है। इस परियोजना का सबसे प्रमुख हिस्सा नया संसद भवन है, जिसका उद्घाटन 28 मई 2023 को हुआ। नए संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ अधिक क्षमता की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पुराने संसद भवन को भी ऐतिहासिक महत्व के कारण संरक्षित रखने की योजना है। सेंट्रल विस्टा के अंतर्गत केंद्रीय सचिवालय के नए भवन, सरकारी कार्यालयों का पुनर्गठन, बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और पैदल यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था जैसे कार्य शामिल हैं। कर्तव्य पथ का पुनर्विकास भी इसी व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। सितंबर 2022 में पुनर्विकसित कर्तव्य पथ को जनता के ...

CONSTITUTION CLUB OF INDIA

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, दिल्ली कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (Constitution Club of India) नई दिल्ली में स्थित एक प्रतिष्ठित संस्थान है, जिसकी स्थापना भारतीय लोकतंत्र, संसदीय परंपराओं और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। यह क्लब मुख्य रूप से संसद के वर्तमान और पूर्व सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण मिलन स्थल के रूप में जाना जाता है। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब का इतिहास भारतीय संसदीय जीवन से जुड़ा हुआ है। यहां सांसदों, पूर्व सांसदों, राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के बीच विचार-विमर्श और संवाद के अवसर मिलते हैं। क्लब में बैठकों, व्याख्यानों, चर्चाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है। दिल्ली के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब की विशेष पहचान है। संसद भवन और केंद्रीय दिल्ली के महत्वपूर्ण संस्थानों के निकट होने के कारण यह स्थान जनप्रतिनिधियों के लिए सुविधाजनक माना जाता है। यहां देश के महत्वपूर्ण राजनीतिक, सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों पर अनौपचारिक चर्चा भी होती रहती है। क्लब मे...

PRESS INFORMATION BUREAU

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) प्रेस सूचना ब्यूरो (Press Information Bureau—PIB) भारत सरकार की प्रमुख मीडिया एवं सूचना प्रसार एजेंसी है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों, योजनाओं, कार्यक्रमों, उपलब्धियों और महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देश के नागरिकों तथा मीडिया तक पहुँचाना है। PIB की स्थापना 1919 में हुई थी और वर्तमान में यह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। PIB केंद्र सरकार और मीडिया के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करता है। विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों से प्राप्त आधिकारिक सूचनाओं को प्रेस विज्ञप्ति, प्रेस नोट, फीचर, फोटो, वीडियो और अन्य माध्यमों से पत्रकारों तथा समाचार संस्थानों तक पहुँचाया जाता है। इसके माध्यम से सरकार की योजनाओं और नीतियों के बारे में आधिकारिक एवं प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध होती है। PIB का एक महत्वपूर्ण कार्य तथ्य-जांच (Fact Check) भी है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर फैलने वाली भ्रामक या फर्जी सरकारी सूचनाओं की जांच कर PIB Fact Check Unit सही जानकारी जनता के सामने रखता है। इससे सरकारी नीतियों और निर्णयों से ...

DIFFERENT POSITIONS OF NATIONAL FLAG IN RASHTRAPATI BHAWAN DELHI

 राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली के मुख्य गुंबद पर लगे तिरंगे की स्थिति का विशेष प्रोटोकॉल महत्व है। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, गुंबद पर राष्ट्रीय ध्वज यह संकेत देता है कि राष्ट्रपति राष्ट्रपति भवन में उपस्थित हैं राष्ट्रपति भवन में तिरंगे की विभिन्न स्थितियों का अर्थ ध्वज की स्थिति सामान्य अर्थ 🇮🇳 तिरंगा फुल मास्ट पर राष्ट्रपति नई दिल्ली/राष्ट्रपति भवन में उपस्थित हैं। गुंबद पर तिरंगा नहीं राष्ट्रपति दिल्ली से बाहर/दौरे पर हैं। राष्ट्रपति के वापस आने पर फिर ध्वज फहराया जाता है। 🇮🇳 तिरंगा हाफ-मास्ट पर यह राष्ट्रीय शोक या किसी उच्च पदाधिकारी के निधन पर सरकार द्वारा घोषित शोक के अवसर का संकेत है। यह सामान्यतः स्वतः नहीं किया जाता; सरकार के निर्देश आवश्यक होते हैं। एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य यह है कि 1971 से पहले राष्ट्रपति भवन के गुंबद पर राष्ट्रपति का अपना “President's Standard” फहराया जाता था। 1971 के बाद राष्ट्रीय ध्वज ने उसका स्थान ले लिया। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट भी इस बदलाव का उल्लेख करती है।  ध्यान दें: हाफ-मास्ट का अर्थ केवल “राष्ट्रपति भवन स...

FLAG CODE OF INDIA 2002

 भारतीय ध्वज संहिता, 2002 भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (Flag Code of India, 2002) भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान, प्रदर्शन, फहराने और उपयोग से संबंधित नियमों का संकलन है। इसे भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी 2002 से लागू किया गया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान को बनाए रखना है। 1. राष्ट्रीय ध्वज का स्वरूप भारतीय राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होता है और इसमें तीन समान क्षैतिज पट्टियाँ होती हैं— ऊपर केसरिया रंग बीच में सफेद रंग नीचे हरा रंग सफेद पट्टी के बीच में गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होता है, जिसमें 24 तीलियाँ होती हैं। 2. ध्वज फहराने के प्रमुख नियम ध्वज को सम्मानपूर्वक और ऐसी स्थिति में फहराया जाना चाहिए कि वह स्पष्ट रूप से दिखाई दे। सामान्यतः ध्वज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की परंपरा रही है, हालांकि वर्तमान नियमों के अनुसार उचित परिस्थितियों में इसे दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है। ध्वज को जमीन, फर्श या पानी को छूने नहीं देना चाहिए। इसे फटा, गंदा या क्षतिग्रस्त अवस्था में नहीं फहराया जाना चाहिए। 3. ध्वज का सम्मान राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग ऐसी वस्तु के रूप...