ये लोग भारतीय रेल के रीढ है।ठंड के मौसम मे ये रेल सेवक (ट्रैक मैन) रेलवे ट्रैक का रात के नौ बजे से सुबह के पांच बजे तक पैट्रोलिंग करते हैं।दो व्यक्ति का एक ग्रुप दो दो किलोमीटर के ट्रैक को कङाके की ठंड मे सूक्ष्मता से अवलोकन करते है।ठंड के कारण रेल के फ्रैक्चर होने की संभावना बढ जाती है।यदि ट्रैक मे किसी प्रकार की खराबी या फ्रैक्चर नजर आती है तो तत्काल बगल के स्टेशन मास्टर को सूचित करते है तथा गाङियो के संरक्षित संचालन का तत्काल उपाय करते है।गर्मी के मौसम मे पैट्रोलिंग का कार्य दिन मे कराया जाता है।
यह एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसका उपयोग ट्रेनों के संरक्षित संचालन के लिए किया जाता है।इसका कार्य किसी ट्रेन के कुल ऐक्सिल को काउंट करना है।यह दो रेलवे स्टेशन के मध्य स्थापित किया जाता है।किसी एक स्टेशन से जब कोई ट्रेन पास होती है तो यह काउंटर पहिया के माध्यम सेकुल ऐक्सिल को गिनता है।और फिर जब वही ट्रेन दुसरे स्टेशन पहुँचती है तो उसी काउंटर का दुसरा डिवाइस उस स्टेशन पर पहिया के माध्यम से ऐक्सिल को काउंट करता है।दोनो ऐक्सिल काउंटर मे ऐक्सिलों की संख्या मैच कर जाने पर यह प्रमाणित हो जाता है कि पूरी ट्रेन सुरक्षित एक स्टेशन से दुसरे स्टेशन पहुंच गई है।
Manikaran : This pilgrim centre is located in the Parvati Valley of Kullu District in Himachal Pradesh. Manikaran is famous for its temples Gurudwara Manikaran Sahib, beautiful landscape and hot water spring.
धनौली गांव गोण्डा जिला मे है जो गोण्डा -उतरौला मार्ग पर सोनी गुमटी रेलवे क़ासिंग से एक किलोमीटर उत्तर है।यहा छोटा बाजार भी विकसित हो रहा है जहा दैनिक जीवन की आवश्यकत वस्तु उपलब्ध मिलता है।यहां के लोगों का मुख्य पेशा खेती है।इस गाँव मे मूल रूप से मौर्य समाज के लोग रहते है जिन्हे जन्मजात मेहनतकश माना जाता है।हलांकि इस गाँव के कुछ लोग रेलवे एवं अन्य सरकारी नौकरी मे भी कार्यरत है।