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FATEHPUR,BELA,GAYA

--------------------- यह गांव बिहार के गया जिला में फल्गू नदी के किनारे बराबर की पहाङी के निकट स्थित है।यह गांव पटना-गया रेलखंड पर स्धित बेला रेलवे स्टेशन से 10 किलोमीटर पूरब स्थित है।यहां के लोगों का मुख्य पेशा कृषि है तथापि यहां के बहुत से लोग राज्य और भारत सरकार के सेवाओं में हैं।

भारतीय संस्कृति का इतिहास

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आप बिना चूने, सीमेंट या मिट्टी का प्रयोग किए कितनी ऊंची दीवार उठा सकते है ? 10 फीट ? 15 या 20 फीट ? ये दीवार कितने दिनों तक खड़ी रह सकती है? 1 साल ?  5 या 10 साल? अगर मैं आपसे कहूं कि हमारे देश में एक ऐसा मंदिर है, जो सिर्फ पत्थरों पर पत्थर रख कर बनाया गया है।  जिसकी ऊंचाई 216 फीट है और जो पिछले 1000 सालो से बिना झुके खड़ा है, तो क्या आप विश्वास करेंगे? शायद नहीं, लेकिन ये सच है आइए जानते है कौन सी है ये इमारत। परिचय - इस विराट मंदिर का नाम है, बृहदेश्वर मंदिर, जो कि तंजावुर, तमिलनाडु राज्य में स्थित है। ये मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसका निर्माण चोल राजा राजा चोल द्वारा 1010 ईसा मे पूर्ण कराया गया। 1 - मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई 216 फीट है। मंदिर चारो ओर से ऊंची दीवारों से घिरा है, जो कि 16 वी शताब्दी में जोड़ी गई। परिसर का मुख्य द्वार (गोपुरम) लगभग 30 मीटर ऊंचा है, इसके अतिरिक्त परिसर में नंदी मंडप, प्रार्थना मंडप तथा अन्य देवी देवताओं के लिए भी मंदिर बने है, जो कि कालांतर में अन्य राजाओं द्वारा जोड़े गए है। 2 - ये ...

MADURAI RAILWAY STATION

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मदुरै रेलवे स्टेशन ---------------------

"कोरोना काल" के कुख्यात शब्द

1-लाॅकडाउन 2- कोरोना हाॅटस्पाॅट 3-कोरोनटाइन 4-मास्क 5-आइसोलेसन 6-सैनिटाइजर 7-पैनिक बाइंग 8- सोशल डिस्टेसिंग 8-जनता कर्फ्यु 9-आवश्यक सेवा 10-भीलवाङा मोडल 11-सील 12-जीरो जोन 13-सैनिटाइज 14-ग्लब्स 15-सामाजिक आपातकाल 16-फिजिकल डिस्टेंसिंग 17-कोरोना चेन 18-कोविड-19 टेस्टिंग 19-टेस्टिंग किट 20-राहत पैकेज 21-कोरोना वाॅरियर 22-वेंटिलेटर 23-आरोग्य सेतु ऐप 24-वुहान (चीन) 25-कोरोना रिपोर्ट पोजिटिव 26-डिस्इनफेक्टिंग 27-सैनिटाइजेशन टनल 28-निजामुद्दीन मरकज जमाती 29-कौरनटाइन सेंटर 30-कोरोना कैरियर 31-तब्लीगी जमाती 32-प्लाज्मा थेरैपी

RAYGAD RAILWAY STATION

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रायगढ रेलवे स्टेशन ----------------------

KORAPUT JUNCTION

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कोरापुट जंक्शन ---------------------

मनोरंजक स्नैक्स :चना का होरहा

चना का होरहा बिहार के मगध क्षेत्र के लोगों का फाल्गुन और चैत्र महिना का स्वादिष्ट देशी स्नैक्स है।इसको बनाने का तरीका बहुत ही सरल है।इसे बनाने के लिए अधपके चने के फसल (पौधा)को (इसे चना का झंगङी भी कहाजाता है)पुआल आदि के जलते हुए आग के ऊपर डंडा के सहारे लटकाया जाता है।धीरे धीरे आग से झंगङी के सारे डिंडी(चना फसल का वह कवर जिसमे चना के एक या दो या तीन  दाने होते है)पक कर गिर जाता है।आग फिर स्वतः बुझ जाता है।तव पके चना के डिंडी को आग के राख से अलग कर लिया जाता है।वही पका हुआ चना होरहा कहलाता है।होरहा को लोग खलिहान मे समूह मे बैठकर नमक मिरच के साथ खाते है।होरहा गेहुं और मटर के अधपके फसल का भी बनाया जाता है।चना का होरहा राजस्थान और एम पी मे भी खाया जाता है। चना के होरहा के संबंध मे एक अजब गजब मान्यता यह है कि होलिका दहन वाले आग से होरहा बनाकर खाने से दांत मजबूत रहते हैं।गांव मे बहुतायत मे अगजा(होलिका दहन) के आग से लोग होरहा बनाते है।