समय सुबह का 7 बजकर पचास मिनट हुआ था। मै बरूआचक स्टेशन पर नाईट शिफ्ट के लगभग समाप्ति पर था।तभी दिन के शिफ्ट का अधीनस्थ कर्मचारी उनसठ वर्षीय श्री राजपति का कार्यालय मे प्रवेश होता है।तभी अनायास ही हमारी नजर श्री राजपति के उडलैंड के बादामी रंग के जूते पर टिक गया।तभी हमने मजाक करने के लिए कह दिया कि राजपति तो पच्चीस साल के जवान आज दिख रहे है।उसने हमारे मजाक का बिना कोई प्रत्युत्तर दिए मुस्कुरा दिया।फिर उस दिन बात आई गई हो गई और मै भी ड्यूटी शिफ्ट से छुट गया। अगले दिन वो शख्स फिर वही जूता पहन कर आया या नही,मुझे ध्यान नही रहा।परन्तु मेरे द्वारा निर्विकार भाव से किए गए उस मजाक का राजपति पर शायद गहरा असर हुआ जिससे मै अनभिज्ञ था।फिर कुछ दिन बाद राजपति की ड्यूटी मेरे दिन के शिफ्ट मे साथ मे लगी।उस दिन किसी ने फोन पर मुझसे उसका यू ही हालचाल पूछा।फोन पर ही दुर्भाग्यवश राजपति के सामने ही मेरे मुँह से फिर मजाक निकल गया।फिर क्या था।लोहा गरम था ही।हमारे पुनः मजाक का प्रतिक्रिया होना लाजिमी था सो हुआ।मै भौचक रह गया। उस शख्स के मन मे प्रतिक्रिया शायद इस बात को लेकर था कि एक छोटे कर्मचारी क्या अच...
Thanks to share this post.hotel near railway station is a very good product.
ReplyDelete