उडलैन्ड का जूता और वो
समय सुबह का 7 बजकर पचास मिनट हुआ था। मै बरूआचक स्टेशन पर नाईट शिफ्ट के लगभग समाप्ति पर था।तभी दिन के शिफ्ट का अधीनस्थ कर्मचारी उनसठ वर्षीय श्री राजपति का कार्यालय मे प्रवेश होता है।तभी अनायास ही हमारी नजर श्री राजपति के उडलैंड के बादामी रंग के जूते पर टिक गया।तभी हमने मजाक करने के लिए कह दिया कि राजपति तो पच्चीस साल के जवान आज दिख रहे है।उसने हमारे मजाक का बिना कोई प्रत्युत्तर दिए मुस्कुरा दिया।फिर उस दिन बात आई गई हो गई और मै भी ड्यूटी शिफ्ट से छुट गया। अगले दिन वो शख्स फिर वही जूता पहन कर आया या नही,मुझे ध्यान नही रहा।परन्तु मेरे द्वारा निर्विकार भाव से किए गए उस मजाक का राजपति पर शायद गहरा असर हुआ जिससे मै अनभिज्ञ था।फिर कुछ दिन बाद राजपति की ड्यूटी मेरे दिन के शिफ्ट मे साथ मे लगी।उस दिन किसी ने फोन पर मुझसे उसका यू ही हालचाल पूछा।फोन पर ही दुर्भाग्यवश राजपति के सामने ही मेरे मुँह से फिर मजाक निकल गया।फिर क्या था।लोहा गरम था ही।हमारे पुनः मजाक का प्रतिक्रिया होना लाजिमी था सो हुआ।मै भौचक रह गया। उस शख्स के मन मे प्रतिक्रिया शायद इस बात को लेकर था कि एक छोटे कर्मचारी क्या अच...

साली रेलवे स्टेशन (Sali Railway Station)
ReplyDeleteसाली रेलवे स्टेशन राजस्थान राज्य के पाली ज़िले में स्थित एक छोटा लेकिन महत्त्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन भारतीय रेलवे के उत्तर पश्चिमी ज़ोन (North Western Railway) के जोधपुर मंडल के अंतर्गत आता है। यह स्टेशन मुख्यतः ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रीय यात्रियों की आवश्यकताओं को पूरा करता है।
साली रेलवे स्टेशन का स्टेशन कोड "SLI" है। यह स्टेशन पाली जिले के छोटे शहरों और गांवों को जोधपुर, अजमेर, जयपुर, और अन्य प्रमुख शहरों से जोड़ता है। यह स्टेशन जोधपुर–मारवाड़–पाली रेलवे लाइन पर स्थित है, जो राजस्थान के लिए एक प्रमुख रेल मार्ग माना जाता है।
स्टेशन पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं जैसे कि प्रतीक्षालय, शौचालय, पीने का पानी और टिकट काउंटर। हालाँकि, यह एक छोटा स्टेशन है, इसलिए यहाँ पर प्लेटफ़ॉर्म की संख्या सीमित होती है, आमतौर पर 1 या 2 प्लेटफॉर्म ही होते हैं। स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनें अधिकतर पैसेंजर और लोकल एक्सप्रेस ट्रेनों की श्रेणी की होती हैं, जो दैनिक यात्रियों के लिए उपयोगी होती हैं।
स्टेशन का वातावरण शांत रहता है और वहाँ स्थानीय ग्रामीण जन जीवन की झलक देखने को मिलती है। साली रेलवे स्टेशन का महत्त्व इसलिए भी है क्योंकि यह आस-पास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों से जोड़ने में सहायक होता है।
सरकार और रेलवे विभाग द्वारा समय-समय पर इस स्टेशन के विकास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को और बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। भविष्य में साली रेलवे स्टेशन को और आधुनिक बनाने की योजना भी बनाई जा रही है।
यह स्टेशन राजस्थान के ग्रामीण इलाकों की जीवनरेखा के रूप में कार्य करता है।