उडलैन्ड का जूता और वो
समय सुबह का 7 बजकर पचास मिनट हुआ था। मै बरूआचक स्टेशन पर नाईट शिफ्ट के लगभग समाप्ति पर था।तभी दिन के शिफ्ट का अधीनस्थ कर्मचारी उनसठ वर्षीय श्री राजपति का कार्यालय मे प्रवेश होता है।तभी अनायास ही हमारी नजर श्री राजपति के उडलैंड के बादामी रंग के जूते पर टिक गया।तभी हमने मजाक करने के लिए कह दिया कि राजपति तो पच्चीस साल के जवान आज दिख रहे है।उसने हमारे मजाक का बिना कोई प्रत्युत्तर दिए मुस्कुरा दिया।फिर उस दिन बात आई गई हो गई और मै भी ड्यूटी शिफ्ट से छुट गया। अगले दिन वो शख्स फिर वही जूता पहन कर आया या नही,मुझे ध्यान नही रहा।परन्तु मेरे द्वारा निर्विकार भाव से किए गए उस मजाक का राजपति पर शायद गहरा असर हुआ जिससे मै अनभिज्ञ था।फिर कुछ दिन बाद राजपति की ड्यूटी मेरे दिन के शिफ्ट मे साथ मे लगी।उस दिन किसी ने फोन पर मुझसे उसका यू ही हालचाल पूछा।फोन पर ही दुर्भाग्यवश राजपति के सामने ही मेरे मुँह से फिर मजाक निकल गया।फिर क्या था।लोहा गरम था ही।हमारे पुनः मजाक का प्रतिक्रिया होना लाजिमी था सो हुआ।मै भौचक रह गया। उस शख्स के मन मे प्रतिक्रिया शायद इस बात को लेकर था कि एक छोटे कर्मचारी क्या अच...

मेघालय विधानसभा
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मेघालय विधानसभा
मेघालय भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित एक सुंदर और हरे-भरे राज्य के रूप में जाना जाता है। इसकी राजधानी शिलांग है। इस राज्य की विधायी व्यवस्था एकल सदनीय (unicameral) है, अर्थात यहाँ केवल एक ही विधान सभा है। मेघालय विधानसभा की स्थापना 1972 में उस समय हुई थी जब यह राज्य असम से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बना।
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सदस्य होते हैं, जिन्हें राज्य की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है। इनका कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है। इस सदन का प्रमुख कार्य राज्य के लिए कानून बनाना, बजट पारित करना, और सरकार की कार्यप्रणाली की निगरानी करना होता है।
विधानसभा का संचालन विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) द्वारा किया जाता है, जिसे सदन के सदस्यों द्वारा चुना जाता है। मुख्यमंत्री, जो सदन के बहुमत दल का नेता होता है, राज्य सरकार का प्रमुख होता है। राज्यपाल, जो भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है, विधान सभा को बुलाने, स्थगित करने और भंग करने के अधिकार रखता है।
मेघालय में विभिन्न जनजातियाँ निवास करती हैं, जैसे खासी, गारो और जयंतिया, जिनकी संस्कृति और परंपराएं विधान निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विधानसभा के माध्यम से इन समुदायों की आवश्यकताओं और समस्याओं को राजनीतिक रूप से स्वर मिलता है।
मेघालय विधानसभा लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण इकाई है जो राज्य में सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता सुनिश्चित करने में प्रमुख भूमिका निभाती है। यह राज्य की जनभावनाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है।
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मेघालय विधानसभा पर 300 शब्दों का निबंध (हिंदी में):
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मेघालय विधानसभा
मेघालय भारत के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित एक सुंदर और हरे-भरे राज्य के रूप में जाना जाता है। इसकी राजधानी शिलांग है। इस राज्य की विधायी व्यवस्था एकल सदनीय (unicameral) है, अर्थात यहाँ केवल एक ही विधान सभा है। मेघालय विधानसभा की स्थापना 1972 में उस समय हुई थी जब यह राज्य असम से अलग होकर एक स्वतंत्र राज्य बना।
मेघालय विधानसभा में कुल 60 सदस्य होते हैं, जिन्हें राज्य की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से चुना जाता है। इनका कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है। इस सदन का प्रमुख कार्य राज्य के लिए कानून बनाना, बजट पारित करना, और सरकार की कार्यप्रणाली की निगरानी करना होता है।
विधानसभा का संचालन विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) द्वारा किया जाता है, जिसे सदन के सदस्यों द्वारा चुना जाता है। मुख्यमंत्री, जो सदन के बहुमत दल का नेता होता है, राज्य सरकार का प्रमुख होता है। राज्यपाल, जो भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है, विधान सभा को बुलाने, स्थगित करने और भंग करने के अधिकार रखता है।
मेघालय में विभिन्न जनजातियाँ निवास करती हैं, जैसे खासी, गारो और जयंतिया, जिनकी संस्कृति और परंपराएं विधान निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विधानसभा के माध्यम से इन समुदायों की आवश्यकताओं और समस्याओं को राजनीतिक रूप से स्वर मिलता है।
मेघालय विधानसभा लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण इकाई है जो राज्य में सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता सुनिश्चित करने में प्रमुख भूमिका निभाती है। यह राज्य की जनभावनाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है।