SADHVI RITAMBHARA
साध्वी ऋतंभरा
Sadhvi Ritambhara, जिन्हें प्रेम से "दीदी माँ" भी कहा जाता है, भारत की एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक प्रवचिका, समाजसेविका और हिंदू धर्म की प्रचारक हैं। उनका जन्म 7 जनवरी 1964 को पंजाब में हुआ था। युवावस्था में उन्होंने आध्यात्मिक जीवन का मार्ग अपनाया और धार्मिक तथा सांस्कृतिक जागरण के लिए देशभर में प्रवचन देने लगीं।
1990 के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उनके ओजस्वी भाषणों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाई। उनके विचारों और वक्तव्यों ने उस समय सामाजिक एवं राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया। उनके समर्थक उन्हें हिंदू संस्कृति और परंपराओं की सशक्त प्रवक्ता मानते हैं, जबकि उनके कुछ भाषण सार्वजनिक बहस और विवाद का विषय भी रहे हैं।
सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी साध्वी ऋतंभरा का उल्लेखनीय योगदान है। उन्होंने मथुरा स्थित Param Shakti Peeth के माध्यम से वत्सल्य ग्राम की स्थापना में प्रमुख भूमिका निभाई। यह संस्था अनाथ, परित्यक्त एवं जरूरतमंद बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आत्मनिर्भरता के लिए कार्य करती है। वत्सल्य ग्राम का उद्देश्य परिवार जैसी व्यवस्था उपलब्ध कराकर समाज के वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन देना है।
साध्वी ऋतंभरा नियमित रूप से आध्यात्मिक प्रवचन, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, सेवा, शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देती हैं। उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना का प्रसार और समाज सेवा माना जाता है। इस प्रकार, साध्वी ऋतंभरा धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में एक चर्चित एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व हैं।
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