कश्मीर का अकबर

जैन उल आबदिन को उसके धार्मिक सहिष्णुता के कारण कश्मीर का अकबर कहा जता है।  1420ई मेन जैन उल आबदीन कश्मीर की गद्दी पर बैठा ।वह फ़ारसी ,संस्कृत ,कश्मीरी ,तिब्बती आदी भाषाओं का ज्ञाता था ।उसने महाभारत एवं राजतरंगिनी को फ़ारसी मेन अनुवाद करवाया ।

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