Wangari Maathai was an environmetalist from Kenya.She started the green belt movement in 1977, which focussed on planting trees to save the environment.
समय सुबह का 7 बजकर पचास मिनट हुआ था। मै बरूआचक स्टेशन पर नाईट शिफ्ट के लगभग समाप्ति पर था।तभी दिन के शिफ्ट का अधीनस्थ कर्मचारी उनसठ वर्षीय श्री राजपति का कार्यालय मे प्रवेश होता है।तभी अनायास ही हमारी नजर श्री राजपति के उडलैंड के बादामी रंग के जूते पर टिक गया।तभी हमने मजाक करने के लिए कह दिया कि राजपति तो पच्चीस साल के जवान आज दिख रहे है।उसने हमारे मजाक का बिना कोई प्रत्युत्तर दिए मुस्कुरा दिया।फिर उस दिन बात आई गई हो गई और मै भी ड्यूटी शिफ्ट से छुट गया। अगले दिन वो शख्स फिर वही जूता पहन कर आया या नही,मुझे ध्यान नही रहा।परन्तु मेरे द्वारा निर्विकार भाव से किए गए उस मजाक का राजपति पर शायद गहरा असर हुआ जिससे मै अनभिज्ञ था।फिर कुछ दिन बाद राजपति की ड्यूटी मेरे दिन के शिफ्ट मे साथ मे लगी।उस दिन किसी ने फोन पर मुझसे उसका यू ही हालचाल पूछा।फोन पर ही दुर्भाग्यवश राजपति के सामने ही मेरे मुँह से फिर मजाक निकल गया।फिर क्या था।लोहा गरम था ही।हमारे पुनः मजाक का प्रतिक्रिया होना लाजिमी था सो हुआ।मै भौचक रह गया। उस शख्स के मन मे प्रतिक्रिया शायद इस बात को लेकर था कि एक छोटे कर्मचारी क्या अच...
मलयाला मनोरमा (Malayala Manorama) मलयाला मनोरमा (Malayala Manorama) भारत का एक प्रमुख मलयालम भाषा का दैनिक समाचार पत्र है, जिसकी स्थापना वर्ष 1888 में कंधाथिल वर्गीज़ मापिल्लई ने की थी। इसका मुख्यालय केरल राज्य के कोट्टायम शहर में स्थित है। यह समाचार पत्र केवल केरल में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में मलयालम भाषी समुदाय के बीच अत्यंत लोकप्रिय है। मलयाला मनोरमा का प्रकाशन मलयाला मनोरमा ग्रुप द्वारा किया जाता है, जो भारत के सबसे बड़े मीडिया समूहों में से एक है। यह समाचार पत्र राजनीति, समाज, खेल, शिक्षा, विज्ञान, अंतरराष्ट्रीय समाचार, और सांस्कृतिक विषयों को गहराई से कवर करता है। इसकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और पाठकों के अनुकूल होती है। मलयाला मनोरमा की सबसे बड़ी विशेषता इसका विशाल पाठक वर्ग है। यह भारत के सबसे अधिक पढ़े जाने वाले समाचार पत्रों में से एक है। इसकी लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण इसकी विश्वसनीयता, संतुलित रिपोर्टिंग और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देना है। समाचार पत्र के अलावा मलयाला मनोरमा ग्रुप कई अन्य पत्रिकाएँ भी प्रकाशित करता है, जैसे 'द वीक' (अ...
विकास दिव्यकीर्ति विकास दिव्यकीर्ति भारत के प्रसिद्ध शिक्षाविद्, प्रेरक वक्ता और दृष्टि आईएएस (Drishti IAS) के संस्थापक हैं। वे विशेष रूप से सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी कराने के लिए जाने जाते हैं। सरल भाषा, गहरी समझ और तार्किक व्याख्या के कारण वे देशभर के लाखों छात्रों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। विकास दिव्यकीर्ति का जन्म हरियाणा राज्य में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में उच्च शिक्षा प्राप्त की। वे स्वयं भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल रहे हैं और कुछ समय तक सरकारी सेवा में कार्य किया। बाद में उन्होंने शिक्षण के क्षेत्र को अपनाने का निर्णय लिया ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर सकें। दृष्टि आईएएस की स्थापना विकास दिव्यकीर्ति ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, मूल्यपरक और समसामयिक शिक्षा देने के उद्देश्य से की। यह संस्थान हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए विशेष रूप से वरदान साबित हुआ है। यहाँ सामान्य अध्ययन, निबंध, साक्षात्कार मार्गदर्शन और करंट अफेयर्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है। विकास द...
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