RIHAND DAM
रिहंद बांध
Rihand Dam उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में रिहंद नदी पर निर्मित एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय बांध है। यह भारत के प्रमुख बांधों में से एक है और देश के ऊर्जा तथा सिंचाई क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता है। रिहंद नदी, Son River की एक प्रमुख सहायक नदी है।
रिहंद बांध का निर्माण स्वतंत्रता के बाद देश के औद्योगिक और कृषि विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। इसका निर्माण कार्य 1954 में प्रारम्भ हुआ और 1962 में पूरा हुआ। इस परियोजना का उद्घाटन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru द्वारा किया गया था।
बांध के निर्माण से बनी विशाल जलाशय को गोविंद बल्लभ पंत सागर कहा जाता है। Govind Ballabh Pant Sagar भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झीलों में से एक है। यह जलाशय लगभग 466 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और बड़ी मात्रा में जल संग्रहित करता है।
रिहंद बांध का मुख्य उद्देश्य सिंचाई, जल संरक्षण और विद्युत उत्पादन है। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश तथा आसपास के क्षेत्रों में कृषि को लाभ मिला है। इसके अतिरिक्त, जलविद्युत उत्पादन के माध्यम से बिजली की आपूर्ति में भी सहायता मिलती है। रिहंद क्षेत्र के निकट अनेक तापीय और औद्योगिक परियोजनाएँ स्थापित हैं, जिनके लिए जल की आपूर्ति भी इसी जलाशय से होती है।
प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से भी यह क्षेत्र आकर्षक है। विशाल जलराशि, पहाड़ियाँ और हरित वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहाँ विभिन्न प्रकार के पक्षी और जलीय जीव भी पाए जाते हैं।
इस प्रकार रिहंद बांध भारत की एक महत्वपूर्ण जल संसाधन परियोजना है, जिसने सिंचाई, विद्युत उत्पादन, औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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