NIKKEI

 

निक्केई (Nikkei), जिसे Nikkei 225 भी कहा जाता है, जापान का प्रमुख स्टॉक मार्केट इंडेक्स है। यह टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज (Tokyo Stock Exchange) में सूचीबद्ध 225 सबसे बड़ी और सबसे सक्रिय रूप से ट्रेड की जाने वाली कंपनियों के प्रदर्शन को मापता है। इसे जापान की अर्थव्यवस्था और स्टॉक मार्केट के स्वास्थ्य का प्रमुख संकेतक माना जाता है।

निक्केई की स्थापना

निक्केई इंडेक्स की शुरुआत 7 सितंबर 1950 को हुई थी। इसे जापान की प्रमुख मीडिया कंपनी निहोन केइजाई शिंबुन (Nihon Keizai Shimbun), जिसे आमतौर पर "निक्केई" कहा जाता है, द्वारा प्रकाशित और प्रबंधित किया जाता है। यह दुनिया के सबसे पुराने स्टॉक मार्केट इंडेक्स में से एक है।

निक्केई 225 क्या है?

निक्केई 225 एक "प्राइस-वेटेड इंडेक्स" है, जिसका अर्थ है कि इसमें कंपनियों के शेयर की कीमतें इंडेक्स पर अधिक प्रभाव डालती हैं। यह जापान की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों जैसे प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाओं, और उपभोक्ता वस्तुओं का प्रतिनिधित्व करता है।

निक्केई इंडेक्स की विशेषताएं

  1. 225 प्रमुख कंपनियां: यह जापान की 225 प्रमुख कंपनियों का औसत दर्शाता है।
  2. प्राइस-वेटेड सिस्टम: इसमें कंपनियों की स्टॉक कीमतों को वरीयता दी जाती है, न कि उनकी बाजार पूंजीकरण को।
  3. अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए आकर्षण: यह वैश्विक निवेशकों के लिए जापानी बाजार में निवेश के लिए एक मानक माना जाता है।
  4. डॉलर और येन में गणना: निक्केई को जापानी येन और अमेरिकी डॉलर दोनों में ट्रैक किया जा सकता है।

निक्केई में शामिल प्रमुख कंपनियां

निक्केई 225 में शामिल कंपनियां जापान की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कंपनियां होती हैं, जैसे:

  • टोयोटा मोटर (Toyota Motor)
  • सोनी ग्रुप (Sony Group)
  • सॉफ्टबैंक ग्रुप (SoftBank Group)
  • पैनासोनिक (Panasonic)
  • निसान मोटर (Nissan Motor)

निक्केई की गणना कैसे होती है?

निक्केई 225 की गणना कंपनियों के स्टॉक की कीमतों के औसत से की जाती है। हालांकि, इसे प्राइस-वेटेड इंडेक्स माना जाता है, जिसका मतलब है कि जिन कंपनियों की स्टॉक कीमतें अधिक होती हैं, वे इंडेक्स पर अधिक प्रभाव डालती हैं।

निक्केई का महत्व

  1. जापानी अर्थव्यवस्था का संकेतक: निक्केई जापान की अर्थव्यवस्था की स्थिति और बाजार की दिशा को दर्शाता है।
  2. वैश्विक निवेशकों के लिए उपयोगी: यह अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को जापान के बाजारों और उद्योगों के प्रदर्शन का आकलन करने में मदद करता है।
  3. बाजार का ट्रेंड समझने में सहायक: यह निवेशकों को जापानी शेयर बाजार में चल रहे रुझानों को समझने का साधन प्रदान करता है।

निक्केई के फायदे

  1. विविधता: इसमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियां शामिल हैं, जो बाजार का व्यापक प्रतिनिधित्व करती हैं।
  2. ग्लोबल मान्यता: यह विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त इंडेक्स है और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भरोसेमंद है।
  3. पारदर्शिता: इसकी गणना प्रक्रिया और कंपनियों के चयन में पारदर्शिता है।

निक्केई की सीमाएं

  1. प्राइस-वेटेड सिस्टम: इसमें केवल स्टॉक कीमतों पर ध्यान दिया जाता है, जो बाजार पूंजीकरण को नज़रअंदाज करता है।
  2. सीमित कंपनियां: यह केवल 225 कंपनियों का प्रदर्शन दिखाता है, जो जापानी अर्थव्यवस्था का पूरा चित्र नहीं देतीं।

निष्कर्ष

निक्केई 225 जापानी शेयर बाजार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और जापान की आर्थिक स्थिति और बाजार के रुझानों को समझने का एक प्रभावी तरीका है। यह न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भी उपयोगी है। हालांकि, इसके प्राइस-वेटेड सिस्टम और सीमित कवरेज को ध्यान में रखते हुए इसे अन्य सूचकांकों के साथ तुलना करना उचित होगा।

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