US FEDERAL RESERVE

 

यूएस फेडरल रिजर्व बैंक (U.S. Federal Reserve Bank), जिसे फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के नाम से भी जाना जाता है, संयुक्त राज्य अमेरिका की केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली है। इसका उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिरता बनाए रखना और वित्तीय प्रणाली के कामकाज को सुनिश्चित करना है। फेडरल रिजर्व बैंक अमेरिका में मुद्रा नीति, बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय बाजारों को नियंत्रित करने का कार्य करता है। इसे फेड (Fed) भी कहा जाता है।

फेडरल रिजर्व बैंक का इतिहास

फेडरल रिजर्व का गठन 23 दिसंबर 1913 को हुआ था, जब राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने फेडरल रिजर्व एक्ट पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले, अमेरिका में वित्तीय प्रणाली में कई संकटों का सामना करना पड़ा था, जैसे 1907 का बैंकिंग संकट। इस संकट के कारण यह महसूस किया गया कि अमेरिका में एक केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली की आवश्यकता है, जो वित्तीय संकटों को नियंत्रित कर सके। फेडरल रिजर्व बैंक का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिरता और विकास सुनिश्चित करना था।

फेडरल रिजर्व की संरचना

फेडरल रिजर्व का ढांचा संघीय प्रणाली पर आधारित है, जिसमें कुल 12 क्षेत्रीय बैंक होते हैं। इसके मुख्य घटक निम्नलिखित हैं:

  1. फेडरल रिजर्व बोर्ड: यह बोर्ड 7 गवर्नरों से बना होता है, जो राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। यह बोर्ड फेडरल रिजर्व की प्रमुख नीतियों और निर्णयों का निर्धारण करता है।
  2. फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC): यह समिति अमेरिकी मुद्रा नीति को निर्धारित करती है, जैसे कि ब्याज दरों में परिवर्तन और मुद्रा आपूर्ति का प्रबंधन।
  3. 12 क्षेत्रीय रिजर्व बैंक: फेडरल रिजर्व के अंतर्गत 12 क्षेत्रीय रिजर्व बैंक होते हैं, जो अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में काम करते हैं और स्थानीय बैंकिंग और आर्थिक स्थिति का निरीक्षण करते हैं।

फेडरल रिजर्व के प्रमुख कार्य

  1. मुद्रास्फीति नियंत्रण: फेडरल रिजर्व का मुख्य कार्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना है। इसके लिए यह ब्याज दरों को नियंत्रित करता है, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ता है।
  2. मुद्रा आपूर्ति का प्रबंधन: फेड रिजर्व अमेरिकी डॉलर की आपूर्ति को नियंत्रित करता है। यह बैंकिंग प्रणाली में मुद्रा का प्रवाह बढ़ाने या घटाने के लिए विभिन्न उपायों का प्रयोग करता है।
  3. वित्तीय प्रणाली की स्थिरता: यह बैंकिंग प्रणाली की निगरानी करता है, ताकि वित्तीय संकटों से बचा जा सके। यह बैंकिंग संस्थाओं को ऋण प्रदान करके वित्तीय संकटों के समय उनकी मदद करता है।
  4. ब्याज दरों का निर्धारण: फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को निर्धारित करता है, जो व्यावसायिक बैंकों के लिए महत्वपूर्ण होता है और इस निर्णय का प्रभाव पूरे अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
  5. सरकारी ऋण प्रबंधन: फेड रिजर्व अमेरिकी सरकार को ऋण प्रदान करता है और सरकारी ऋणों के लिए बाजार में नीतियों का निर्धारण करता है।

फेडरल रिजर्व का वैश्विक प्रभाव

  1. वैश्विक वित्तीय प्रणाली: अमेरिका की अर्थव्यवस्था और अमेरिकी डॉलर का वैश्विक व्यापार में महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए, फेडरल रिजर्व के निर्णयों का प्रभाव न केवल अमेरिका बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ता है।
  2. ब्याज दरों का प्रभाव: जब फेड ब्याज दरों को बढ़ाता है या घटाता है, तो इसका प्रभाव वैश्विक वित्तीय बाजारों में देखा जाता है, क्योंकि निवेशक और व्यापारी इसे अपनी रणनीतियों में समाहित करते हैं।
  3. वैश्विक वित्तीय संकटों में भूमिका: फेडरल रिजर्व वैश्विक वित्तीय संकटों के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जैसे 2008 के वित्तीय संकट के दौरान, जब फेड ने बैंकिंग प्रणाली को स्थिर रखने के लिए राहत पैकेजों की घोषणा की थी।

निष्कर्ष

फेडरल रिजर्व बैंक संयुक्त राज्य अमेरिका की केंद्रीय बैंकिंग प्रणाली है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसकी नीतियां और निर्णय देश की वित्तीय स्थिति को स्थिर बनाए रखने, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने, और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। वैश्विक स्तर पर भी, फेड के निर्णयों का व्यापक प्रभाव पड़ता है, जिससे यह बैंक न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया की वित्तीय प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Comments

Popular posts from this blog

MAHUA BAGH GHAZIPUR

उडलैन्ड का जूता और वो