US DOLLAR
अमेरिकी डॉलर (US Dollar), जिसे शॉर्ट में USD कहा जाता है, संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा है। इसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में सबसे स्थिर और मजबूत मुद्रा माना जाता है। अमेरिकी डॉलर को "डॉलर" या "$" के चिन्ह से दर्शाया जाता है।
अमेरिकी डॉलर का इतिहास
अमेरिकी डॉलर की शुरुआत 1792 में हुई, जब अमेरिकी कांग्रेस ने "कॉइनज एक्ट" पास किया। यह मुद्रा स्पेनिश डॉलर और यूरोपीय मुद्राओं से प्रेरित थी। धीरे-धीरे, यह अमेरिका की राष्ट्रीय मुद्रा बन गई और 20वीं शताब्दी तक यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय लेन-देन की प्रमुख मुद्रा बन गई।
अमेरिकी डॉलर की विशेषताएं
- वैश्विक आरक्षित मुद्रा: अमेरिकी डॉलर दुनिया की प्रमुख आरक्षित मुद्रा है। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने भंडार में डॉलर रखते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार का आधार: तेल, सोना, और अन्य प्रमुख वस्तुओं का व्यापार आमतौर पर डॉलर में किया जाता है।
- सुविधाजनक और स्थिर: अमेरिकी डॉलर की स्थिरता इसे निवेश और लेन-देन के लिए सुरक्षित बनाती है।
- अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति: दुनिया के लगभग हर देश में अमेरिकी डॉलर को स्वीकार किया जाता है।
अमेरिकी डॉलर की शक्ति के कारण
- अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती: अमेरिका की मजबूत अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली डॉलर को स्थिर बनाती है।
- डॉलर में व्यापार: अधिकांश अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल का मूल्यांकन डॉलर में किया जाता है।
- आरक्षित मुद्रा का दर्जा: दुनिया के केंद्रीय बैंक डॉलर को अपने भंडार में रखते हैं।
अमेरिकी डॉलर का प्रभाव
- अंतरराष्ट्रीय बाजार: डॉलर की कीमत में उतार-चढ़ाव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
- डॉलर आधारित निवेश: कई देशों के निवेशक अमेरिकी डॉलर को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं।
- मुद्रा विनिमय (Forex Market): डॉलर का वर्चस्व विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में भी देखने को मिलता है।
निष्कर्ष
अमेरिकी डॉलर केवल एक मुद्रा नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसकी स्थिरता, स्वीकार्यता, और व्यापक उपयोग इसे दुनिया की सबसे प्रभावशाली मुद्रा बनाते हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश, और वित्तीय लेन-देन में अमेरिकी डॉलर की भूमिका अद्वितीय है, और यह वैश्विक आर्थिक प्रणाली का केंद्र बना हुआ है।
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