BIHARI THALI

 बिहारी थाली

बिहारी थाली

बिहारी थाली बिहार की समृद्ध लोक-संस्कृति, परंपरा और स्वाद का सुंदर परिचय है। यह थाली सादगी, पौष्टिकता और स्थानीय सामग्री के बेहतरीन मेल के लिए जानी जाती है। बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में भोजन बनाने की शैली थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन पारंपरिक बिहारी थाली में कई स्वादिष्ट व्यंजन शामिल होते हैं।

बिहारी थाली का सबसे प्रसिद्ध व्यंजन लिट्टी-चोखा है। गेहूँ के आटे से बनी लिट्टी में सत्तू, मसाले, लहसुन, अदरक और अचार आदि की भरावन की जाती है। इसे आमतौर पर आग या उपले पर सेंककर घी के साथ परोसा जाता है। इसके साथ आलू, बैंगन और टमाटर से बना चोखा इसका स्वाद और बढ़ा देता है।

थाली में दाल, भात और सब्जी भी प्रमुख रूप से शामिल होते हैं। अरहर, मसूर या चना दाल के साथ चावल और मौसमी सब्जियों का संयोजन रोजमर्रा के बिहारी भोजन की पहचान है। कढ़ी-बड़ी, आलू-चोखा, भुजिया और हरी चटनी भी भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं। कई स्थानों पर दही, पापड़, अचार और सलाद भी थाली का हिस्सा होते हैं।

बिहारी व्यंजनों में सत्तू का विशेष महत्व है। सत्तू का शरबत, सत्तू की रोटी और सत्तू से भरी लिट्टी गर्मियों में भी खूब पसंद की जाती है। मिठाइयों में खाजा, तिलकुट, अनरसा, ठेकुआ और बालूशाही लोकप्रिय हैं।

बिहारी थाली केवल भोजन नहीं, बल्कि बिहार की कृषि, ग्रामीण जीवन और आतिथ्य की झलक भी प्रस्तुत करती है। इसमें स्थानीय अनाज, दाल, सब्जियां और मसालों का उपयोग होता है। सरल लेकिन स्वाद से भरपूर यह थाली बिहार की पहचान और खान-पान की समृद्ध परंपरा को देशभर में लोकप्रिय बनाती है

Comments

Popular posts from this blog

उडलैन्ड का जूता और वो

MALAYALA MANORAMA

VIKAS DIVYAKIRTI