VVPAT


VVPAT: मतदान में पारदर्शिता और विश्वास

VVPAT का पूरा नाम Voter Verifiable Paper Audit Trail है। हिंदी में इसे मतदाता सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल कहा जाता है। यह भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM के साथ जुड़ी एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता को यह सत्यापित करने का अवसर देना है कि उसका वोट उसी उम्मीदवार को गया है, जिसे उसने चुना है।

जब मतदाता EVM पर किसी उम्मीदवार के सामने दिए गए बटन को दबाता है, तो VVPAT मशीन कुछ सेकंड के लिए एक कागजी पर्ची प्रदर्शित करती है। इस पर्ची पर उम्मीदवार का नाम, क्रम संख्या और चुनाव चिह्न दिखाई देता है। मतदाता इस पर्ची को देखकर अपने मतदान की पुष्टि कर सकता है। इसके बाद पर्ची मतदाता को नहीं दी जाती, बल्कि VVPAT की सीलबंद ड्रॉप-बॉक्स जैसी व्यवस्था में सुरक्षित रहती है।

VVPAT चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और जवाबदेही बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी चुनाव में EVM के परिणाम को लेकर कोई संदेह या निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की आवश्यकता हो, तो VVPAT की पर्चियों का इस्तेमाल मतों के सत्यापन और मिलान के लिए किया जा सकता है।

भारत में VVPAT का प्रयोग चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया और अब यह लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में EVM प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चुनाव आयोग VVPAT मशीनों की सुरक्षा, सीलिंग, परिवहन और मतगणना से संबंधित विस्तृत प्रक्रियाएं निर्धारित करता है।

इस प्रकार VVPAT आधुनिक चुनाव प्रणाली में मतदाता के विश्वास को मजबूत करने वाली तकनीक है। EVM के इलेक्ट्रॉनिक परिणाम के साथ कागजी सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराकर यह चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में योगदान देता है।


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