GRAND TRUNK ROAD
ग्रैंड ट्रंक रोड (Grand Trunk Road)
ग्रैंड ट्रंक रोड (जीटी रोड) भारत और दक्षिण एशिया की सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक सड़कों में से एक है। इसका इतिहास लगभग 2,500 वर्ष पुराना माना जाता है। प्राचीन काल में इसे उत्तरापथ के नाम से जाना जाता था। यह सड़क भारतीय उपमहाद्वीप के व्यापार, परिवहन, संस्कृति और राजनीतिक एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है।
16वीं शताब्दी में अफगान शासक शेरशाह सूरी ने इस सड़क का व्यापक विकास और पुनर्निर्माण कराया था। उन्होंने यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क के किनारे सराय, कुएँ और पेड़ लगवाए। बाद में ब्रिटिश शासन के दौरान इसका विस्तार किया गया और इसे ग्रैंड ट्रंक रोड नाम दिया गया।
यह ऐतिहासिक मार्ग बांग्लादेश के चटगाँव से शुरू होकर भारत के कोलकाता, आसनसोल, धनबाद, सासाराम, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़, दिल्ली, पानीपत, अंबाला, लुधियाना और अमृतसर होते हुए पाकिस्तान के लाहौर और रावलपिंडी तक जाता है। इसका ऐतिहासिक विस्तार अफगानिस्तान के काबुल तक माना जाता है।
ग्रैंड ट्रंक रोड ने सदियों तक व्यापारियों, सैनिकों, यात्रियों और सांस्कृतिक विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया। आज इसके अनेक हिस्से राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में विकसित हो चुके हैं।
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