DUNGARPUR RAJASTHAN

 डूंगरपुर, राजस्थान: इतिहास, संस्कृति और पर्यटन

राजस्थान का डूंगरपुर जिला राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित एक खूबसूरत ऐतिहासिक क्षेत्र है। यह अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों, झीलों, जंगलों और आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। डूंगरपुर को राजस्थान का एक महत्वपूर्ण जनजातीय एवं सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है। इसका नाम यहां के शासक महारावल डूंगर सिंह के नाम पर पड़ा।

डूंगरपुर की स्थापना 13वीं शताब्दी में मानी जाती है। यहां लंबे समय तक महारावल शासकों का शासन रहा। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से वागड़ कहलाने वाले भूभाग का हिस्सा है। यहां की प्रमुख आबादी में भील जनजाति शामिल है, जिसकी अपनी विशिष्ट परंपराएं, लोकगीत, नृत्य और जीवनशैली हैं।

डूंगरपुर को पहाड़ियों का शहर भी कहा जाता है। यहां का जूना महल, उदय विलास पैलेस, बादल महल और गैब सागर झील प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। जूना महल अपनी सात मंजिला ऐतिहासिक संरचना, सुंदर चित्रकारी और शीशे की सजावट के लिए प्रसिद्ध है। गैब सागर झील के किनारे स्थित मंदिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।

इसके अलावा बेणेश्वर धाम डूंगरपुर का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर प्रतिवर्ष बेणेश्वर मेला आयोजित होता है, जिसमें राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में आदिवासी श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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