BRINDA KARAT

 वृंदा करात

वृंदा करात भारत की प्रमुख महिला राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं में से एक हैं। उनका जन्म 17 अक्टूबर 1947 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ था। उन्होंने महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय, श्रमिक हित और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों पर लंबे समय तक काम किया है। वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा की वरिष्ठ नेताओं में गिनी जाती हैं।

वृंदा करात ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत सामाजिक और महिला आंदोलनों से की। वे ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन (AIDWA) से लंबे समय तक जुड़ी रहीं और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा, दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, समान अधिकार और राजनीतिक भागीदारी जैसे विषय उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं। उन्होंने महिलाओं के लिए कानूनी और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी आवाज उठाई।

वर्ष 2005 में वृंदा करात भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं। संसद में उन्होंने महिला अधिकारों, श्रमिकों, आदिवासियों, गरीबों और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों से जुड़े अनेक मुद्दे उठाए। वे माकपा की केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो की सदस्य भी रही हैं।

वृंदा करात अपने स्पष्ट विचारों और सामाजिक मुद्दों पर मुखर भूमिका के लिए जानी जाती हैं। भारतीय राजनीति में उनका योगदान विशेष रूप से महिला आंदोलन और वामपंथी राजनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और समानता की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया है।

Comments

Popular posts from this blog

उडलैन्ड का जूता और वो

MALAYALA MANORAMA

SIKKI ART