DIFFERENT GATES OF NEW PARLIAMENT BUILDING DELHI
नए संसद भवन, नई दिल्ली के विभिन्न द्वार
भारत का नया संसद भवन अपनी त्रिकोणीय वास्तुकला के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को भी दर्शाता है। इसके छह प्रमुख प्रवेश द्वार हैं, जिनके नाम भारतीय परंपरा में महत्वपूर्ण जीव-जंतुओं से जुड़े हैं। संसद के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार इन द्वारों का उपयोग अलग-अलग श्रेणी के लोगों के प्रवेश के लिए निर्धारित किया गया है।
गज द्वार (Gaja Dwar)
‘गज’ का अर्थ हाथी है। यह औपचारिक एवं VVIP प्रवेश द्वार के रूप में उपयोग होता है। सितंबर 2023 में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इसी गज द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।
अश्व द्वार (Ashva Dwar)
‘अश्व’ का अर्थ घोड़ा है। यह मुख्य रूप से राज्यसभा के सभापति और उपसभापति के प्रवेश के लिए निर्धारित है।
गरुड़ द्वार (Garuda Dwar)
गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन माने जाते हैं। इस द्वार से अधिकारी, मीडिया, आगंतुक तथा लोकसभा गैलरी में जाने वाले लोग प्रवेश करते हैं।
मकर द्वार (Makara Dwar)
‘मकर’ भारतीय परंपरा में एक पौराणिक जलचर प्राणी है। यह सांसदों के प्रवेश के लिए निर्धारित प्रमुख द्वारों में से एक है।
शार्दूल द्वार (Shardula Dwar)
शार्दूल भारतीय कला और परंपरा में वर्णित एक शक्तिशाली पौराणिक जीव है। इस द्वार से मंत्री, सांसद, अधिकारी, मीडिया तथा राज्यसभा गैलरी के आगंतुक प्रवेश कर सकते हैं।
हंस द्वार (Hansa Dwar) 🦢
हंस भारतीय संस्कृति में ज्ञान, विवेक और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। यह लोकसभा अध्यक्ष, मंत्री और सांसदों के प्रवेश से संबंधित है।
इस प्रकार नए संसद भवन के छह द्वार—गज, अश्व, गरुड़, मकर, शार्दूल और हंस—केवल प्रवेश के रास्ते नहीं हैं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों और परंपराओं को भी प्रदर्शित करते हैं। नए संसद भवन की वास्तुकला में भारतीय कला, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
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