BLACK SALT

 काला नमक (Black Salt) 

काला नमक भारतीय रसोई और आयुर्वेद में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे संस्कृत में “सौवर्चल लवण” कहा जाता है। यह सामान्य सफेद नमक से रंग, स्वाद और गुणों में भिन्न होता है। काला नमक वास्तव में गुलाबी-भूरे रंग का होता है, परंतु इसमें उपस्थित सल्फर यौगिकों के कारण इसका नाम काला नमक पड़ा है और इसका स्वाद हल्का तीखा तथा अंडे जैसी गंध वाला होता है।

काला नमक मुख्यतः हिमालयी क्षेत्रों से प्राप्त होता है। प्राकृतिक सेंधा नमक को विशेष विधि से उच्च ताप पर भूनकर और उसमें कुछ जड़ी-बूटियाँ मिलाकर काला नमक तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया से इसमें खनिज तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे इसके औषधीय गुण विकसित होते हैं।

स्वास्थ्य की दृष्टि से काला नमक अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह पाचन क्रिया को सुधारने में सहायक होता है तथा गैस, अपच, पेट दर्द और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है। आयुर्वेद में इसे भूख बढ़ाने वाला और त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) को संतुलित करने वाला बताया गया है। इसमें सोडियम की मात्रा सामान्य नमक की तुलना में थोड़ी कम होती है, इसलिए उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए सीमित मात्रा में यह बेहतर विकल्प माना जाता है।

भारतीय व्यंजनों में काले नमक का व्यापक उपयोग होता है। चाट, फल सलाद, रायता, जलजीरा, शिकंजी और दही आधारित व्यंजनों में इसका स्वाद विशेष आकर्षण जोड़ता है। व्रत के भोजन में भी इसका प्रयोग प्रचलित है। आधुनिक समय में शाकाहारी और वेगन व्यंजनों में अंडे जैसा स्वाद लाने के लिए भी काले नमक का उपयोग किया जाता है।

इस प्रकार काला नमक स्वाद, स्वास्थ्य और परंपरा का अनूठा संगम है, जो भारतीय जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है।

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