GIRIDIH
गिरिडीह
गिरिडीह भारत के झारखंड राज्य का एक प्रमुख जिला और नगर है। यह राज्य के मध्य-पूर्वी भाग में स्थित है और अपने प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा तथा धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। गिरिडीह को “झारखंड का हृदय” भी कहा जाता है, क्योंकि यह भौगोलिक रूप से राज्य के केंद्र के निकट स्थित है। घने जंगल, पहाड़ियाँ और जलप्रपात इस क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान हैं।
गिरिडीह का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व विशेष रूप से जैन धर्म से जुड़ा हुआ है। जिले में स्थित पारसनाथ पहाड़ी, जिसे श्री सम्मेद शिखरजी कहा जाता है, जैन धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल माना जाता है। यहीं जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों जैन श्रद्धालु यहाँ दर्शन के लिए आते हैं, जिससे यह स्थान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है।
प्राकृतिक दृष्टि से गिरिडीह अत्यंत समृद्ध है। यहाँ उसरी जलप्रपात, खरगडीहा जलप्रपात और माधव जलप्रपात जैसे सुंदर पर्यटन स्थल स्थित हैं। मानसून के समय ये जलप्रपात विशेष रूप से आकर्षक दिखाई देते हैं। इसके अलावा पहाड़ी रास्ते और हरियाली पर्यटकों को शांत वातावरण प्रदान करते हैं।
गिरिडीह खनिज संपदा के लिए भी जाना जाता है। यहाँ अभ्रक (माइका), कोयला और अन्य खनिजों के भंडार पाए जाते हैं। ब्रिटिश काल में माइका उद्योग के कारण गिरिडीह को विशेष पहचान मिली थी। आज भी यह क्षेत्र औद्योगिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना हुआ है।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी गिरिडीह का योगदान उल्लेखनीय है। यहाँ कई विद्यालय, महाविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थान स्थित हैं। साथ ही यहाँ विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द देखने को मिलता है।
इस प्रकार गिरिडीह धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता और खनिज संपदा का अद्भुत संगम है, जो झारखंड की पहचान को समृद्ध बनाता है।
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