INDO AFGAN FRIENDSHIP DAM

 भारत–अफगान मैत्री बांध (Indo-Afghan Friendship Dam) 

भारत–अफगान मैत्री बांध अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में स्थित एक महत्वपूर्ण जल परियोजना है। इसे पहले सलमा बांध के नाम से जाना जाता था। इस बांध का निर्माण भारत की सहायता से किया गया और इसे वर्ष 2016 में औपचारिक रूप से अफगानिस्तान को समर्पित किया गया। यह बांध भारत और अफगानिस्तान के बीच गहरी मित्रता, सहयोग और विकास साझेदारी का प्रतीक है।

सलमा बांध का निर्माण हरि रूद नदी पर किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई, जल आपूर्ति और जलविद्युत उत्पादन है। इस परियोजना से हेरात और आसपास के क्षेत्रों की हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिली है, जिससे किसानों की आय बढ़ी और कृषि उत्पादन में सुधार हुआ। इसके साथ ही इस बांध से लगभग 42 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित हुई, जिससे स्थानीय लोगों को ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिली।

भारत–अफगान मैत्री बांध का सामरिक और मानवीय महत्व भी बहुत अधिक है। यह परियोजना भारत की “विकास के माध्यम से कूटनीति” की नीति का उदाहरण है। भारत ने बिना किसी स्वार्थ के अफगानिस्तान के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में योगदान दिया। बांध के निर्माण में भारतीय इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस परियोजना को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे सुरक्षा समस्याएँ, कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ और तकनीकी अड़चनें। इसके बावजूद भारत ने परियोजना को पूरा कर अफगान जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। उद्घाटन के समय अफगानिस्तान ने इस बांध को भारत के प्रति कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में “भारत–अफगान मैत्री बांध” नाम दिया।

इस प्रकार भारत–अफगान मैत्री बांध केवल एक जल परियोजना नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग का स्थायी स्मारक है, जो क्षेत्रीय विकास और शांति की भावना को मजबूत करता है।

Comments

Popular posts from this blog

GUJARATI ALPHABETS AND SYMBOLS

MAHUA BAGH GHAZIPUR