BRLP

 

बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना (BRLP), जिसे आमतौर पर "जीविका" के नाम से जाना जाता है, बिहार सरकार द्वारा चलाया जाने वाला एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं, को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाना है। यह परियोजना 2007 में विश्व बैंक के सहयोग से शुरू की गई थी और इसका संचालन बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्द्धन सोसाइटी (BRLPS) द्वारा किया जाता है।

BRLP का मुख्य आधार स्वयं सहायता समूह (SHG) का गठन है, जिसमें 10 से 15 महिलाएं आपस में मिलकर नियमित बचत और ऋण की व्यवस्था करती हैं। इन समूहों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है।

इस परियोजना का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा देना है। BRLP के तहत महिलाओं को दूध उत्पादन, बकरी पालन, सब्जी खेती, मशरूम उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, पापड़-बड़ी निर्माण जैसे आय-वर्धनकारी कार्यों के लिए प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं।

BRLP ने ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके माध्यम से हजारों महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं, साहूकारों पर निर्भरता घटी है, बच्चों की शिक्षा और परिवार के स्वास्थ्य पर ध्यान बढ़ा है।

इसके अलावा, यह परियोजना पंचायती राज संस्थाओं, बैंकों और अन्य सरकारी विभागों से समन्वय स्थापित कर गरीब परिवारों को विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाती है।

संक्षेप में, बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना (BRLP) ने ग्रामीण बिहार में आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की एक नई कहानी लिखी है, जो न केवल आर्थिक विकास बल्कि सामाजिक बदलाव का भी उदाहरण है।

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