JAVED AKHTAR

 

जावेद अख़्तर 

जावेद अख़्तर हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गीतकार, पटकथा लेखक, और कवि हैं। उनका जन्म 17 जनवरी 1945 को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुआ था। वे एक साहित्यिक परिवार से आते हैं — उनके पिता जाँ निसार अख़्तर उर्दू के मशहूर शायर थे और माँ सफिया अख़्तर एक शिक्षिका और लेखिका थीं।

जावेद अख़्तर ने अपनी पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से की और बाद में फिल्मों में करियर बनाने के लिए मुंबई आ गए। प्रारंभिक दौर में उन्हें संघर्ष करना पड़ा, लेकिन जब उनकी मुलाकात सलीम ख़ान से हुई, तो दोनों ने मिलकर पटकथा लेखन की शुरुआत की। यह जोड़ी "सलीम-जावेद" के नाम से मशहूर हुई।

सलीम-जावेद ने 1970 और 80 के दशक में हिन्दी सिनेमा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। शोले, दीवार, जंजीर, डॉन, शक्ति जैसी सुपरहिट फिल्मों की पटकथा इसी जोड़ी ने लिखी। इन फिल्मों में सामाजिक अन्याय, क्रांति और आम आदमी की आवाज़ को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया गया।

पटकथा लेखन के बाद जावेद अख़्तर ने गीतकार के रूप में भी जबरदस्त पहचान बनाई। उन्होंने 1942: ए लव स्टोरी, लगान, स्वदेश, दिल चाहता है, कल हो न हो, ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा जैसी फिल्मों के बेहतरीन और दिल को छू लेने वाले गीत लिखे।

उन्हें पद्म श्री (1999), पद्म भूषण (2007), और कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। वे सामाजिक विषयों पर भी खुलकर बोलते हैं और धर्मनिरपेक्षता, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थक हैं।

जावेद अख़्तर की पत्नी शबाना आज़मी एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं, और उनके बेटे फरहान अख़्तर फिल्म निर्देशक, अभिनेता और गायक हैं।

जावेद अख़्तर का साहित्य, सिनेमा और समाज में योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है।

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