RANGOLI

 *दीपावली रंगोली:**


- **उत्पत्ति:** दीपावली रंगोली, जिसे कोलम या मुग्गुलु भी कहा जाता है, इसकी उत्पत्ति भारत में है। रंगीन पाउडर, चावल या फूल के पेटलों का उपयोग करके जमीन पर सजावटी पैटर्न बनाने की परंपरा सदियों पुरानी है।


- **धार्मिक महत्व:** रंगोली दीपावली के साथ जुड़ी है, हिन्दू प्रकाश का त्योहार। इसे देवताओं का स्वागत करने, शुभ लाभ लाने, और उत्सवी वातावरण में योगदान करने का आभास है। जटिल पैटर्न में अक्सर दीपक, फूल, और ज्यामिति आकृतियों को शामिल किया जाता है, जो शुभता का प्रतीक होता है।


- **प्रसिद्ध:** दीपावली रंगोली अपने जीवंत और जटिल डिज़ाइन के लिए प्रसिद्ध है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न शैलियाँ और पैटर्न हैं, जो सांस्कृतिक विविधता को दिखाते हैं। शहरी क्षेत्रों में, लोग सामान्यत: रंगोली को ज़मीन पर या दीवार कला के रूप में बनाने के लिए रंगीन पाउडर या फूल का उपयोग करते हैं।


- **भूगोलीय क्षेत्र:** दीपावली रंगोली भारत भर में प्रसारी है, लेकिन शैलियाँ क्षेत्रों के आस-पास भिन्न हो सकती हैं। महाराष्ट्र जैसे राज्यों में, रंगोली को "रंगोली" या "पड़का" कहा जाता है, जबकि दक्षिण भारत में इसे "कोलम" या "मुग्गुलु" के रूप में जाना जाता है। यह प्रथा भारत के बाहर भी पॉपुलैर हो गई है, जहां भारतीय मूल के लोग दीपावली मनाते हैं और विश्व के विभिन्न हिस्सों में रंगोली बनाते हैं।*

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