A MEETING BY THE RIVER
“ए मीटिंग बाय द रिवर” – परिचय और महत्व
“ए मीटिंग बाय द रिवर” (A Meeting by the River) एक विश्वप्रसिद्ध संगीत एल्बम है, जो भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी ब्लूज़–जैज़ परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यह एल्बम वर्ष 1993 में रिकॉर्ड किया गया और 1994 में इसे सर्वश्रेष्ठ वर्ल्ड म्यूज़िक एल्बम के लिए ग्रैमी पुरस्कार प्रदान किया गया। इस एल्बम के मुख्य कलाकार भारतीय स्लाइड गिटार वादक पंडित विश्व मोहन भट्ट और अमेरिकी गिटारिस्ट राइ कूडर (Ry Cooder) हैं।
इस एल्बम की रिकॉर्डिंग भारत में एक शांत नदी के किनारे स्थित आश्रम जैसे वातावरण में की गई थी, जिससे इसका नाम “ए मीटिंग बाय द रिवर” पड़ा। इस शांत प्राकृतिक परिवेश ने संगीत को गहराई, सहजता और आध्यात्मिकता प्रदान की। एल्बम में प्रयुक्त वाद्य यंत्रों में मोहन वीणा, स्लाइड गिटार और अन्य तंत्री वाद्य शामिल हैं।
एल्बम की विशेषता यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की बनावटी सजावट या आधुनिक तकनीकी प्रभावों का अधिक प्रयोग नहीं किया गया। संगीत पूर्णतः राग आधारित, तात्कालिक (इम्प्रोवाइज़्ड) और संवादात्मक है, जहाँ दोनों कलाकार एक-दूसरे के सुरों का सम्मान करते हुए संगीतात्मक संवाद स्थापित करते हैं। यह एल्बम शांति, ध्यान और आत्मिक अनुभूति का अनुभव कराता है।
“ए मीटिंग बाय द रिवर” ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई। यह एल्बम यह सिद्ध करता है कि संगीत भाषा, देश और संस्कृति की सीमाओं से परे होता है। इस ऐतिहासिक एल्बम के माध्यम से मोहन वीणा जैसे भारतीय वाद्य यंत्र को वैश्विक पहचान मिली और फ्यूजन संगीत को एक नई दिशा प्राप्त हुई।
आज भी यह एल्बम विश्व संगीत प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है और संगीत के सांस्कृतिक संवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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