GAZA BOARD OF PEACE
गाजा पीस बोर्ड: क्या है यह?
गाजा पीस बोर्ड एक नया अंतरराष्ट्रीय शांति मंच है जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी में युद्ध और उसके बाद की स्थिति को स्थिर बनाने, पुनर्निर्माण, और शांति प्रक्रिया पर निगरानी के लिए प्रस्तावित किया है। इसका मुख्य लक्ष्य गाजा में शांति स्थापित करना और वहाँ के नागरिकों के लिए बेहतर प्रशासन व जीवन की दिशा तय करना है। �
मुख्य बिंदु और अपडेट्स:
• ट्रंप का प्रस्ताव: ट्रंप प्रशासन ने करीब 20-बिंदुओं वाली योजना के हिस्से के रूप में यह बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें गाजा के पुनर्निर्माण और शांति के लिए वैश्विक भागीदारी शामिल है। �
• भारत को निमंत्रण: अमेरिका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत को इस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। इसमें पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों को भी बुलाया गया है। �
• स्थायी सदस्यता शुल्क: स्थायी सदस्यता के लिए देशों से लगभग 1 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब ₹8,000 करोड़+) देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे यह पहल आर्थिक और राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। �
• अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: कुछ देशों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र (UN) की भूमिका को कमजोर कर सकता है और अमेरिका-प्रधान मंच खड़ा करने का प्रयास हो सकता है, जिससे वैश्विक राजनीति में नई विवादित स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। �
• बोर्ड का काम: बोर्ड का काम गाजा में स्थिर शासन स्थापित करना, युद्ध के बाद प्रशासन की देख-रेख, मानवीय सहायता और विकास परियोजनाओं का समन्वय करना है। इसका विस्तार भविष्य में अन्य संघर्ष क्षेत्रों तक भी हो सकता है।
गाजा पीस बोर्ड मध्य पूर्व में लड़ाई के बाद स्थायीत्व, सुरक्षा और पुनर्निर्माण कोशिशों का अंतरराष्ट्रीय प्रयास है। भारत जैसे बड़े देश के शामिल होने की संभावना से यह मुद्दा वैश्विक कूटनीति और भू-रणनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।
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